आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और लेडी लॉयल को मिलाकर इंटीग्रेटेड प्लान के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) का खाका तैयार हो गया है। प्रस्ताव में योजना में कुल 13 भवन हैं। इसमें पहले स्थापित इमरजेंसी की ओपीडी, मैटरनिटी भवन आदि शामिल हैं। नए भवन भी बनेंगे।
2.5 करोड़ रुपये बजट मंजूर
डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। इसके लिए करीब 2.5 करोड़ रुपये बजट मंजूर भी हो चुका है। एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इंजीनियर्स की ओर से लेआउट तैयार कर लिया गया है। प्रस्तावित लेआउट पर विभागाध्यक्षों के सुझाव भी आमंत्रित किए गए थे, सभी के सुझाव आने के बाद अंतिम रूप से लेआउट तैयार कर लिया गया है। डीपीआर तैयार करके शासन को भेज दिया जाएगा। कैबिनेट स्तर से योजना को मंजूरी मिलनी है। अक्तूबर तक इसको मंजूरी मिल जाने की संभावना है। इसमें चिकित्सकीय सेवाओं के लिए 13 बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के मुताबिक विस्तारीकरण योजना का काम इंजीनियरिंग प्रिक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) के तहत होना है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को ही फर्म तय करना है। सभी काम फर्म की ओर से ही किए जाएंगे। नए भवनों के निर्माण के साथ जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण भी शामिल है। इससे समय की बचत होगी।
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
बेड बढ़ जाएंगे, मरीजों को मिलेगा लाभ
एसएन मेडिकल कॉलेज में अभी 976 बेड की सुविधा है। सुपर स्पेशियलिटी विंग में 200 बेड की व्यवस्था होगी। वहीं, लेडी लॉयल विस्तारीकरण योजना पूरी होने के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज में कुल 1900 बेड की व्यवस्था हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज में अधिक मरीजों को उपचार मिल सकेगा।
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
एमबीबीएस की सीटें बढ़ाकर 200 करने की योजना
विस्तारीकरण योजना का काम पूरा होने का लाभ मेडिकल के छात्र-छात्राओं को भी मिलेगा। अभी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 128 सीटें हैं। प्राचार्य ने बताया कि सीटों को बढ़ाकर 200 करने की योजना है।
विस्तारीकरण योजना के प्रस्ताव के अनुसार एसएन मेडिकल का मुख्य प्रवेश द्वार एमजी रोड की तरफ इमरजेंसी ओपीडी व ट्रॉमा सेंटर के बीच होगा। इसके अलावा एकेडमिक विंग, एमसीएच, ओपीडी और कैंसर भवन के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार होंगे।