हरिद्वार और बिजनौर बैराज से पानी का डिस्चार्ज होते ही गंगा एक बार फिर उफान पर है। 24 घंटे में गंगा नदी के जलस्तर में 70 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है, जिसके बाद सिंचाई विभाग अलर्ट है।
पिछले चार-पांच दिनों से लगातार पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है, जिसके कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 70 सेंटीमीटर बढ़ गया। अभी जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। जल स्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए सिंचाई विभाग अलर्ट पर है। गंगा घाटों पर भी पानी बढ़ने के साथ ही निगरानी बढ़ा दी गई।
सबसे ज्यादा वृद्धि पिछले चौबीस घंटों में हुई। इस समय जलस्तर 70 सेंटीमीटर बढ़ गया है। हरिद्वार और बिजनौर बैराजों से पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया है। यह डिस्चार्ज लो फ्लड लेवल तक पहुंचने की आशंका है। जलस्तर में डिस्चार्ज के कारण और भी वृद्धि होगी। अभी जिले में साधारण श्रेणी से ऊपर का डिस्चार्ज है, जिसके कारण गंगा घाटों पर स्नान के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तटवर्ती इलाकों के लोग भी फिर से जलस्तर में वृद्धि को लेकर चिंतित होने लगे हैं।
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गंगा नदी का जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले माह बाढ़ से निजात मिलने पर अब राहत लौटी थी, लेकिन फिर से गंगा में पानी बढ़ गया है। कटानग्रस्त गांव के अशोक शाक्य का कहना है कि जलस्तर में वृद्धि के बाद फिर से गांव के किनारे पानी बढ़ने लगा है। जिससे कटान की समस्या कभी भी शुरू हो सकती है।
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कासगंज में उफान पर बह रही गंगा
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद जब कम होने लगता है तो कटान तेजी से होता है। बरौना ग्राम कटान के लिए काफी संवेदनशील है। बिल्कुल आबादी से सटकर गंगा की धारा बह रही है। ऐसे में चिंता होना स्वाभाविक है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटों में गंगा के जलस्तर में 70 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है अभी जलस्तर और बढ़ेगा क्योंकि हरिद्वार और बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज काफी बढ़ा हुआ है। सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है। जिले में अभी बाढ़ की कोई स्थिति नहीं है।