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बहुचर्चित भोले बाबा हत्याकांड में उम्रकैद के बाद कुछ इस अंदाज में कोर्ट से बाहर निकले रंगा और बिल्ला

Wed, 11 Apr 2018 07:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
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रंगा-बिल्ला कोर्ट से निकलते हुए - फोटो : अमर उजाला
सात साल पहले मथुरा के रतन कुंड चौबिया पाड़ा में हुए भोलेश्वर चतुर्वेदी उर्फ भोले बाबा के सनसनीखेज कत्ल में एडीजे तृतीय की अदालत ने कुख्यात बदमाश रंगा, बिल्ला और उनके तीसरे भाई नीरज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों को एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी देना होगा। कोर्ट का फैसला सुनाए जाने के बाद पेशी पर आए तीनों भाइयों को जेल भेज दिया गया।
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रंगा-बिल्ला कोर्ट से निकलते हुए - फोटो : अमर उजाला
शहर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला रतन कुंड निवासी भोलेश्वर चतुर्वेदी उर्फ भोले बाबा की 21 दिसंबर 2011 को घर के पास दोपहर दो बजे हत्या कर दी गई थी। भोले बाबा के दो गोलियां मारी गईं थीं। इस मामले में भोले बाबा के भाई तुलसीदास उर्फ तोले बाबा ने राकेश उर्फ रंगा, मुकेश उर्फ बिल्ला और तीसरे भाई नीरज के साथ इन तीनों के पिता बालस्वरूप और चाचा विजय उर्फ मनुआ को नामजद किया था।
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रंगा-बिल्ला कोर्ट से निकलते हुए - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने सभी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। वर्ष 2013 में इन तीनों के पिता बालस्वरूप की जेल में ही मौत हो गई थी जबकि चाचा विजय की 19 दिसंबर 2013 को जेल से बाहर आने के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय अमरपाल सिंह की अदालत में चल रही थी। दोनों ओर से छह-छह गवाही हुईं। 
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Court - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को एडीजे तृतीय न्यायाधीश अमर पाल सिंह ने तीनों सगे भाई राकेश उर्फ रंगा, मुकेश उर्फ बिल्ला और नीरज को आजीवन कारावास तथा एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने नीरज और रंगा को हत्या का दोषी माना जबकि मुकेश उर्फ बिल्ला को हत्या और हत्या की साजिश का दोषी माना है। एडीजीसी नंद कुमार तिवारी ने बताया कि अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्तों को तीन साल का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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