दो जून, 2016 की तारीख को भुलाया नहीं जा सकता। इसी दिन मथुरा का जवाहर बाग हिंसा की आग में जल उठा था। इस हिंसा में तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसएचओ संतोष यादव शहीद हो गए थे। 27 लोगों की जान गई थी। पांच साल बीतने के बाद भी आज तक शहीद हुए पुलिस अफसरों को न्याय तक नहीं मिला और न ही सम्मान मिल सका। पांचवीं पुण्यतिथि पर शहीद एसपी सिटी की पत्नी अर्चना द्विवेदी श्रद्धासुमन अर्पित करने आ सकती हैं। वह डीएम और एसएसपी से मिलकर पत्र सौंपकर फिर न्याय की मांग करेंगी। बता दें कि साल 2014 में स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह संगठन के मुखिया रामवृक्ष यादव ने सत्याग्रह के नाम पर जवाहर बाग में अवैध रूप से सैकड़ों लोगों के साथ कब्जा कर लिया था। 2 जून 2016 को जवाहर बाग को कब्जा मुक्त कराने गए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसएचओ फरह संतोष यादव पर कब्जाधारियों ने हमला कर दिया था।