Mathura House Collapse: मथुरा के गोविंदनगर थाना इलाके में कच्ची सड़क स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के पास रविवार सुबह माया टीला काटकर दीवार बनाए जाने के चलते बड़ा हादसा हो गया। 70 फुट ऊंचा टीला ढहने के साथ ही टीले पर बने छह मकान भी जमींदोज हो गए।
Maya Teela Accident In Mathura: मथुरा में माया टीला और उस पर बने मकान ढहने से हुए हादसे में मामा के घर आईं दो मासूम बहनों की जान चली गई। नींद के आगोश से मौत ने एक ही झपट्टे में उन्हें अपने आगोश में ले लिया। बेटियों की मौत पर माता और पिता बिलख रहे हैं। उन्हें यही अफसोस है कि अगर बेटियां घूमने अपने ननिहाल न आतीं तो शायद उनकी जान बच जाती।
वृंदावन के गौतमपाड़ा निवासी मोहन की दोनों बेटियां यशोदा और काजल शुक्रवार को माया टीला स्थित अपने मामा दीपक शर्मा के यहां आईं थीं। दो दिन से दोनों बहुत खुश थीं। रविवार को घटना से पहले सुबह 10 बजे के करीब दीपक ने खुद दोनों मासूम बहनों को नहलाने के बाद खाना खिलाकर उन्हें चारपाई पर एक साथ सुला दिया था। उनसे कहा था कि बाहर धूप बहुत तेज है अभी वह सो जाएं और शाम को बाहर जाकर खेलें।
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मथुरा में बड़ा हादसा, छह मकान ढहे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'दोनों भांजी दोबारा कभी नहीं उठेंगी'
दीपक को क्या पता था कि अब उसकी दोनों भांजी दोबारा कभी नहीं उठेंगी। दोपहर 12 बजे हादसे के बाद दो घंटे तक दोनों बहनें मकान के मलबे में दबी रहीं। दोपहर दो बजे के करीब उन्हें पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम ने दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक जिंदगी हार गई और मौत जीत गई थी। बेटियों की मां सीमा और पिता मोहन का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों को इसी बात का अफसोस है कि अगर बेटियां घूमने न आतीं तो शायद यह हादसा नहीं होता।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दीपक बोले बहन को क्या जवाब दूंगा
मामा दीपक दोनों बेटियों की मौत से सदमे में हैं। वह बार-बार एक ही बात कह रहे हैं कि अब बहन को क्या जवाब दूंगा, उसकी बेटियां कहां से वापस करूंगा। लोग उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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मथुरा में बड़ा हादसा, छह मकान ढहे
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मलबे में मिला चांदी से भरा थैला
पीड़िता ललिता का कहना है कि हादसे में उनके मकान का एक हिस्सा भी ढह गया है। उनके घर में करीब 30 हजार रुपये और चांदी से भरा एक थैला रखा था। वह भी मलबे में दब गया है। हालांकि बचाव कार्य के दौरान टीम ने एक चांदी से भरा थैला भी बरामद किया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह थैला उन्हीं का है या किसी और का। फिलहाल यह जांच के बाद भी स्पष्ट हो सकेगा।
कुछ लोग पहले ही छोड़ गए थे मकान
प्लॉट की बाउंड्री निर्माण से पहले टीले पर रहने वाले कुछ लोग जान की सुरक्षा के लिए अपने-अपने मकानों को छोड़कर वहां से चले गए थे। इससे बड़ी जनहानि होने से बची है। वर्तमान में कुछ ही लोग वहां रह रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वर्तमान में कुछ लोग किराये के माकन में भी रह रहे थे।
माया टीला ढहने से छह मकान गिरे, मलबे में दबकर तीन की मौत
मथुरा के गोविंदनगर थाना इलाके में कच्ची सड़क स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के पास रविवार सुबह माया टीला काटकर दीवार बनाए जाने के चलते बड़ा हादसा हो गया। 70 फुट ऊंचा टीला ढहने के साथ ही टीले पर बने छह मकान भी जमींदोज हो गए। मलबे में नीचे काम कर रहे मजदूर और मकानों में रहने वाले लोग दब गए। सूचना पर प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। शाम तक मलबे से तीन शव बरामद कर लिए गए। अन्य कई के दबे होने की आशंका पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं।
कच्ची सड़क स्थित माया टीला के ठीक नीचे स्थित प्लॉट में तीन माह से टीला काटकर दीवार बनाए जाने का काम चल रहा था। करीब 70 फीट ऊंचे टीले के आसपास इतनी ही ऊंची विशाल दीवार बनाई जा रही थी। आधी दीवार बन भी गई थी, बची हुई दीवार बनाने के लिए काम चल रहा था।
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मथुरा में बड़ा हादसा, छह मकान ढहे
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रविवार को दोपहर 12 बजे के करीब हाइड्रा से टीले की मिट्टी काटी जा रही थी। इसी दौरान टीला ढहने लगा और देखते ही देखते टीले पर बने छह मकान भी ढह गए। इससे मकान में रहने वाले लोग और नीचे काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए।
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मथुरा में छह मकान ढहे
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सूचना पर पहुंची नगर निगम और अग्निशमन विभाग की टीम ने मलबा हटाकर दोपहर एक बजे तोताराम (35) को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा। वहीं टीले पर क्षतिग्रस्त विनोद सैनी के मकान से करीब दो बजे यशोदा (6) और उसकी छोटी बहन (4) काजल को निकाला।
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राहत एवं बचाव कार्य जारी
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दोनों अपने मामा के घर आईं थीं और हादसे के दौरान घर में सो रहीं थीं। तभी उनके ऊपर मलबा गिरने से वे वहीं दब गईं। दोनों को क्षतिग्रस्त मकान से ही पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम ने बाहर निकाला। तीनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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विलाप करते परिजन
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राहत एवं बचाव कार्य के दौरान डीएम चंद्रप्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहे। वहीं विधायक श्रीकांत शर्मा, महापौर विनोद अग्रवाल समेत अन्य जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी भी मौके पर डटे रहे।
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विलाप करते परिजन
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इसके बाद लगातार बचाव कार्य जारी रहा, लेकिन अन्य किसी की जानकारी नहीं मिली। शाम को पहुंची एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जो देर रात तक जारी रहा।
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राहत एवं बचाव कार्य जारी
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खोजी डॉग भी नहीं आए काम
मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते खोजी डॉग भी बुलाए गए। लेकिन उनसे भी कुछ खास मदद नहीं मिल सकी। देर रात तक मलबे से न तो कोई बाहर निकला और न ही वहां कोई परिजन या अन्य किसी के दबे होने का दावा करने पहुंचा। इससे एनडीआरएफ को भी बचाव कार्य में परेशानी सामने आती रही।
राहत एवं बचाव कार्य जारी
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मलबे से तीन शव बरामद कर लिए गए हैं। लगातार एनडीआरएफ की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। अब मलबे में किसी के दबे होने की आशंका कम ही है। मलबे को सावधानी से इसलिए भी हटाया जा रहा है, क्योंकि टीले का बचा हुआ हिस्सा और क्षतिग्रस्त मकान गिरने की भी आशंका बनी हुई है। मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।-चंद्रप्रकाश सिंह, डीएम