व्यापारी बड़ी रकम बैंक ले जाने से पहले यदि पुलिस की मदद लेता तो लूट होने से बच जाती। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर खुद भी इसके लिए कई बार व्यापारियों को बैठक में निर्देश दे चुके हैं कि वह बड़ी रकम जमा करने या निकासी से पहले पुलिस की सहायता लें। इसके बावजूद व्यापारी ने ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि व्यापारी का 1.05 करोड़ रुपये लुट गया। वहीं, पुलिस चौकी के नजदीक लूट होना पुलिस की लापरवाही को उजागर करती है। दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को बाजार में भीड़भाड़ थी लेकिन पुलिस 15 अगस्त की थकान उतारने में व्यस्त थी। इसी के चलते लुटेरे चौकी के पास से ही वारदात को अंजाम दे गए। लूट होने के बाद पुलिस हरकत में आई और शहर में चारों ओर नाकाबंदी कर चेकिंग अभियान आदि भी चलाए गए। लेकिन इससे कुछ हासिल नहीं हुआ। लुटेरे फरार हो चुके थे।