वार्षिक अमृतकुंभ मेला मार्गशीर्ष का अंतिम स्नान पूर्णिमा पर्व पर हुआ। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु उमड़े। ठंड पर आस्था भारी दिखाई दी। गंगा मईया के जयकारों से पूरा कस्बा गूंजता रहा। गंगास्नान के बाद श्रद्धालुओं ने देव दर्शन भी किए। शनिवार के बाद रविवार को भी पूर्णिमा तिथि थी। कस्बा सोरोंजी में राजस्थान, मध्यप्रदेश के अलावा प्रदेश के कई जिलों से लाखों श्रद्धालु सोरों पहुंचे। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं की भीड़ हरि की पौड़ी के घाट पर उमड़ पड़ी। हर-हर गंगे के जयकारों के साथ हरि की पौड़ी के पवित्र जल में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। हरि की पौड़ी के वराह घाट, लाल घाट, मानस घाट, सोमेश्वर घाट, बरीवाला घाट, तुलसी घाट सहित सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आ रहा था। श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पूजा-अर्चना की और दूध चढ़ाया। साधू संतों ने गंगा मईया की आरती उतारी। श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी घाट की परिक्रमा भी लगाई। गंगास्नान के बाद श्रद्धालु देव दर्शन करने पहुंचे।