फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर बन रहा त्रिग्रही योग, जानें दिनभर के शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री व विधि

Fri, 17 Feb 2023 04:54 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

Mahashivratri 2023: भोलेनाथ के शीश पर विराजित चंद्रमा  सूर्य व शनि के साथ त्रिग्रही योग बना रहा हैं।  इस योग में पूजा करने से शिवजी की विशेष कृपा मिलेगी।
विज्ञापन
1 of 6
महाशिवरात्रि 2023 - फोटो : amar ujala
Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर इस बार भोलेनाथ के शीश पर विराजित चंद्रमा, ग्रहों के राजा सूर्य व न्याय के देवता शनि के साथ त्रिग्रही योग बना रहे हैं। इसके साथ ही शश, हंस एवं मालव्य योग का संयोग भी इस बार बन रहा है। वहीं भक्तों को शनि प्रदोष व्रत रखने का भी मौका मिलेगा।  एक साथ बन रहे इतने योग संयोग को ज्योतिष काफी शुभ मान रहे हैं।

ज्योतिषाचार्य मुकुंद बल्लभ भट्ट बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर अबकी बार एक नहीं कई दुर्लभ महासंयोग बने हैं जो इस बात का संकेत है कि भोलेनाथ अपने भक्तों पर अपनी कृपा की खूब वर्षा करने वाले हैं। दरअसल अबकी बार महाशिवरात्रि शनिवार को होने से जहां शनि प्रदोष का संयोग बना है। इस महाशिवरात्रि पर मध्यरात्रि में भगवान शिव के सिर पर विराजित चंद्रमा कुंभ राशि में आकर शनि और सूर्य के साथ मिलकर भोलेनाथ के माथे पर विराजित त्रिपुंड चंदन जैसा त्रिग्रही योग बनाएंगा।

 
विज्ञापन

2 of 6
shiv ji - फोटो : iStock
महाशिवरात्रि पर इस योग का बनना बेहद दुर्लभ संयोग माना जाता है। इसके साथ ही इस बार महाशिवरात्रि पर शनि स्वराशि के होकर शश योग, गुरु मीन राशि में होकर हंस योग, शुक्र उच्च राशि के होकर मालव्य योग बनाएंगे।


 
विज्ञापन

3 of 6
shiv ji - फोटो : iStock

पूजा में इन चीजों का करें प्रयोग

सुगंधित पुष्प, बिल्वपत्र, धतूरा, भाँग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बालें, तुलसी दल, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी, चंदन, पंच फल पंच मेवा, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार की सामग्री।

 

4 of 6
shiv ji - फोटो : iStock

शिव पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

पूजा करते वक्त मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ हो।कुंद, केतकी और कैंथ के फूल न चढ़ाएं।शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाने के बाद उसे न पिएं, सिर आंखों पर लगा सकते हैं।पूजा के बाद शिवलिंग की आधी परिक्रमा ही करें।


 
विज्ञापन

5 of 6
shiv ji

दिनभर में पूजा के शुभ मुहूर्त

सुबह 09:43 से 11:10 तक
दोपहर 02:02 से 03:30 तक
दोपहर 03:30 से शाम 04:39 तकपहले प्रहर की पूजा - शाम 06:22 से रात 09:28 तक


 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
शिवजी - फोटो : istock

भोलेनाथ की प्रहर पूजा का समय

दूसरे प्रहर की पूजा - रात 09:28 से 12:35 तक
तीसरे प्रहर की पूजा - रात 12:35 से 03:41तक
चौथे प्रहर की पूजा - रात 03:41 से अगले दिन सुबह 06:48 तक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें