वरिष्ठ चिकित्सक उमाकांत गुप्ता को महाराष्ट्र की मंगला पाटीदार ने अंजलि बनकर अपने जाल में फंसाया था। वह गैंग के सरगना बदन सिंह तोमर के लिए काम कर रही थी। उसे 25 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। अपहरण के बाद युवती को गैंग ने ठिकाने लगाने की साजिश रच रखी थी। यह बात तब सामने आई जब धौलपुर पुलिस के सिपाही ने युवती को पकड़ा। उसका साथी भाग निकला था। इस दौरान पुलिस को बदमाश का एक मोबाइल पड़ा मिला। इसमें आए एक कॉल से बदमाशों की साजिश का पता चला था। डॉक्टर उमाकांत गुप्ता का अपहरण मंगलवार शाम को हुआ था। रात तकरीबन 12:30 बजे बदमाश उन्हें धौलपुर लेकर पहुंच गए थे। एक बदमाश पवन चिकित्सक की कार लेकर आगरा की तरफ वापस आ रहा था, जबकि एक बदमाश मंगला उर्फ संध्या को लेकर बाइक से चल दिया था। रास्ते में धौलपुर पुलिस की चेकिंग में कार को पकड़ लिया गया।