फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनामिका की धुंधली तस्वीर से धोखा खा गए 25 जिलों के अधिकारी, ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

Sun, 07 Jun 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
विज्ञापन
1 of 6
बीएसए कार्यालय में आरोपी शिक्षिका से पूछताछ करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
शिक्षिका अनामिका शुक्ला के धुंधले दस्तावेजों ने प्रदेश के 25 जिलों के अधिकारियों को धोखा दे दिया। उसके दस्तावेजों में छपी फोटो स्पष्ट नहीं होने के कारण पहचान ही नहीं हो सकी है। महज रोल नंबर के आधार पर ही सत्यापन होते रहे और उसकी जगह कोई और नौकरी करता रहा। मानव संपदा पोर्टल पर जब शिक्षकों की आईडी फीडिंग का काम शुरू हुआ तब एक ही नाम से कई जगह नौकरी करने का मामला सामने आया। कासगंज में गिरफ्तार युवती अनामिका के नाम से नौकरी कर रही थी। 
विज्ञापन

2 of 6
आरोपी शिक्षिका - फोटो : अमर उजाला
पिछले दिनों मानव संपदा पोर्टल पर आईडी फीडिंग हुई तो एक ही नाम से 25 शिक्षिकाओं की नौकरी अलग अलग जिलों में सामने आई। इतना ही नहीं इन सभी की आईडी भी एक ही थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। दो दिन पहले ही लखनऊ से परियोजना निदेशक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अंजलि अग्रवाल को पत्र भेजकर कासगंज में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी कर रही शिक्षिका की जांच के निर्देश दिए। 
विज्ञापन

3 of 6
आरोपी शिक्षिका - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को पुलिस ने शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बीएसए ने अलग-अलग जिलों में नौकरी करने वाली शिक्षिका के दस्तावेजों से कासगंज की शिक्षिका के दस्तावेजों का मिलान किया तो सभी दस्तावेजों में अनामिका की तस्वीर काफी धुंधली मिली। शैक्षिक दस्तावेजों और अन्य पहचान पत्रों पर लगे फोटो से स्पष्ट मिलान नहीं हो पा रहा, जबकि अनामिका शुक्ला के नाम से जो दस्तावेज हैं, वे असली ही हैं। 

4 of 6
आरोपी शिक्षिका - फोटो : अमर उजाला
बीएसए ने फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद अनामिका शुक्ला के सभी दस्तावेज और उसके मूल प्रमाण पत्र निकलवाए हैं। अब मूल पहचान पत्रों और शैक्षिक दस्तावेजों से जांच होगी कि आखिर कौन से दस्तावेज असली हैं और कौन से दस्तावेज फर्जी हैं। यह तो तय है कि 25 में से 24 जगह अनामिका के फर्जी दस्तावेजों से नौकरी ली गई है। 
विज्ञापन

5 of 6
बीएसए कार्यालय में आरोपी शिक्षिका से पूछताछ करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
शिक्षिका ने गिरफ्तारी के बाद भी अपने शैक्षिक प्रमाणपत्र विभाग को उपलब्ध नहीं कराए। विभाग ने उसके प्रमाणपत्रों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा गौरव कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी कासगंज राजेंद्र बोरा, खंड शिक्षा अधिकारी श्रीकांत पटेल को शामिल किया गया है। यह समिति प्रमाणपत्रों की जांच कर तय करेगी की शिक्षिका ने नौकरी में जो प्रमाण पत्र लगाए हैं, वो असली हैं या फर्जी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
आरोपी शिक्षिका - फोटो : अमर उजाला
बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल ने बताया कि शिक्षिका को प्रथम दृष्टया फर्जी अभिलेखों से नौकरी करने का दोषी पाया गया है, लेकिन सही तथ्य जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। शिक्षिका से भी सभी प्रमाणपत्र मांगे हैं। उससे प्रमाण पत्र मिलते ही जांच शुरू हो जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें