रक्त स्वाभिमान सम्मेलन समाप्त होने के बाद युवाओं ने पुलिस के बैरियर तोड़े। होर्डिंग और बैनर फाड़ डाले। कई जगह गाड़ियों को रोका। नारेबाजी की। एक्सप्रेस-वे पर केसरिया झंडे और तलवारें लहराकर डांस किया और वीडियो बनाते रहे। पुलिसकर्मी उन्हें आगे बढ़ाते रहे मगर वह नहीं माने।
विज्ञापन
1 of 6
ट्रक पर चढ़कर हंगामा करते कार्यकर्ता।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
क्षत्रिय करणी सेना की शनिवार को गढ़ी रामी में आयोजित रक्त स्वाभिमान रैली के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाईवे और एक्सप्रेस वे पर आ गए। उन्होंने हाईवे पर खड़े होकर नारेबाजी की और सांसद के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। इससे 10 किलोमीटर आगरा की तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। एक घंटे बाद पहुंची पुलिस-पीएसी ने समझाने का प्रयास किया। तब किसी तरह कार्यकर्ता तो हट गए, लेकिन जाम से राहत नहीं मिल सकी। दो घंटे बाद यातायात कुछ सामान्य हो सका।
विज्ञापन
2 of 6
कई जगह लगाए थे बैरियर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रक्त स्वाभिमान रैली के लिए पुलिस प्रशासन कई दिन से कवायद में लगा था। दंगा नियंत्रण के रिहर्सल से लेकर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी जगह-जगह लगाई गई थी। हाईवे पर छलेसर से एत्मादपुर के बीच में तीन स्थान पर पत्थर के बैरियर लगाए गए थे। इसके अलावा शहर के भी प्रवेश मार्ग वाटर वर्क्स, भगवान टाकीज, गुरुद्वारा गुरु का ताल पर बैरियर पर पुलिस को तैनात किया गया था। शाम 5:30 बजे रैली संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गढ़ी रामी से निकलकर हाईवे पर आ गए।
विज्ञापन
3 of 6
हाईवे पर लगी वाहनों की कतार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। आगरा की तरफ जाने की कहने लगे। मगर, पुलिस ने बैरियर लगा दिए। इससे आगे नहीं बढ़ सके। एक्सप्रेस वे कट पर ही बैठ गए। वाहनों को खड़ा कर दिया। इससे कुछ ही देर में जाम लग गया। बड़ी संख्या में वाहन हाईवे और एक्सप्रेस वे पर फंस गए। इसकी जानकारी पर पुलिस-पीएसी को बुलाया गया। उधर, पुलिस ने आगरा की तरफ जाने वाले मार्ग पर तीन जगह पर सीमेंटेड बैरियर लगाए थे, जिससे कोई भी वाहन आगे नहीं जा सके।
4 of 6
जाम से परेशान हुए लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार्यकर्ताओं के हटने के बाद आगरा की ओर जाने के लिए वाहन जाने लगे तो बैरियर नहीं हटने से जाम लग गया। कुछ ही देर में 10 किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई। पुलिस ने गलत दिशा से क्रेन को बुलाकर बैरियर को हटाना शुरू किया, लेकिन तब तक सैक़ड़ों की संख्या में वाहन फंस चुके थे। दो घंटे तक एत्मादपुर से लेकर भगवान टाकीज तक वाहनों की लाइन लगी रही। रात आठ बजे के बाद यातायात सामान्य हो सका।
जगह-जगह रही पुलिस की तैनाती।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहली गलती के बाद दूसरी बार पुख्ता इंतजाम
राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर 27 मार्च को क्षत्रिय करणी सेना के पदाधिकारी ओकेंद्र राणा ने पहुंचकर हंगामा किया था। इस दाैरान तोड़फोड़ और पथराव भी किया गया था। इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। गाड़ी से आए आकेंद्र राणा को पुलिसकर्मी रोकने में विफल रहे थे। यह तब था, जब पुलिस हर महीने दंगा नियंत्रण का रिहर्सल कर रही थी। इस घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने सबक लिया।
पुलिस ने की थी पुख्ता तैयारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक सप्ताह तक दंगे पर काबू पानी का रिहर्सल किया। सम्मेलन से पहले सांसद निवास पर आने वाले हर रास्ते पर पुलिस लगाई गई। बैरियर से लेकर बुलडोजर से रास्ता रोक दिया गया। शहर वासियों को भी रूट डायवर्ट करके निकाला गया। इससे जहां लोगों को परेशानी हुई, वहीं पुलिस अपने मंसूबों में कामयाब रही। करणी सेना के कार्यकर्ता शहर में प्रवेश नहीं कर सके। पुलिस हर बैरियर पर वाहनों को चेक कर रही थी। झंडे और डंडे वालों को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया गया।