ये बुजुर्ग सुनाते हैं शांत-गहरे समंदर की कहानी, इन्हें सुनो बहुत ध्यान से...। किसी लेखक की यह पंक्तियां आगरा के इन बुजुर्गों पर सटीक बैठती हैं। ये उम्र में भले ही बुजुर्ग हो गए हैं, लेकिन मन से जवान हैं और जिंदादिली से जी रहे हैं। दशकों से शांत, अपने काम में लीन और गहरे विचारों वाले बुजुर्गों से हमें सीख लेनी चाहिए। आज भी वे उसी तरह ऊर्जावान हैं, जिस तरह वर्षों पहले थे। उसी दिनचर्या को आज भी जीते हैं, जो पहले अपनाई थी। इनमें से कोई वयोवद्ध चिकित्सक हैं तो कोई होटल संचालक। आर्किटेक्ट, पूर्व विधायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी। इनकी सादगी लोगों को बहुत भाती है। अकसर ही वे अपने अनुभव साझा करते हैं। ये लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।