अक्षय नवमी पर शुक्रवार को मथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग पर भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। परिक्रमार्थियों ने अक्षय पुण्य प्राप्ति के लिए नंगे पैर राधे-राधे के जयकारे लगाते हुए प्रभु भक्ति में लीन होकर परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा मार्ग पर देरशाम तक मानव श्रृंखला नहीं टूटी।
अक्षय नवमी की परिक्रमा भोर होते ही शुरू हो गई। संकरे और कीचड़ भरे मार्ग भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पा रहे थे। पूरे परिक्रमा मार्ग में आस्था की डोर में बंधे श्रद्धालुओं पर श्रीकृष्ण और राधा का प्रेम रस बरस रहा था। टोलियों के रूप में कोई तीन वन, तो कोई मथुरा की परिक्रमा लगा रहा था। परिक्रमा से पहले कई श्रद्धालुओं ने मथुरा के विश्रामघाट पर यमुना स्नान कर पूजन किया। बंगाली घाट, रंगेश्वर महादेव मंदिर, डैंपियर नगर, भूतेश्वर, कंकाली, पोतराकुंड, सरस्वती कुंड, चामुंडा, गायत्री तपोभूमि, गोकर्णनाथ, मोक्षधाम, गऊघाट पर भारी भीड़ रही।