आगरा से महिला सशक्तिकरण की जीती जागती तस्वीरें सामने आई हैं। यहां लोगों की बातों की परवाह किए बिना पढ़ाई कर रही या नौकरी की तैयारी कर रही लड़कियां गर्व के साथ पेट्रोल पंप पर काम कर रही हैं। कई अपनी मेहनत से छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई का खर्च उठा रही हैं तो कई घर चला रही हैं।
काम कर रही लड़कियों की मानें तो पुरुषों के लिए एकाधिकार वाले कामों में शामिल पेट्रोल पंप कर्मी की नौकरी करना शुरुआत में आसान नहीं था। लेकिन परिवार की जिम्मेदारी ने उन्हें दृढञ बना दिया था। वह मैदान छोड़कर भागने वालों में नहीं थी। उन्होंने संघर्ष किया और एक नई इबारत लिखी।
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हौंसलों से उड़ान भर रहीं आगरी की लड़कियां
जिम्मेदारी इंसान को वक्त से पहले समझदार बना देती है। महिलाओं के लिए चुनौतियां हर क्षेत्र में है, पर जो लोग अक्सर कहते हैं कि ये काम महिलाओं के लिए नहीं बना, उस काम को गर्व के साथ पेट्रोल पंप पर योगिता, हिना, हेवा जैसी कई लड़कियां कर रही हैं। सभी ने अपनी मेहनत व लगन से काम कर अपने परिवार की जिम्मेदारियां उठाईं। साथ ही पढ़ाई कर सपनों की उड़ान भरने की तैयारी भी कर रही हैं।
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पेट्रोल पंप कर्मी 'हेवा'
- फोटो : अमर उजाला
कमेंट करने वालों की नहीं की परवाह
पेट्रोल पंप पर काम कर रही हेवा ने बताया कि हाईस्कूल में थी, तब पापा का देहांत हो गया। तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। घर की स्थिति अच्छी नहीं थी। हर दिन सोचती थी कि नौकरी मिल जाए। 11वीं की पढ़ाई करते समय मुझे पेट्रोल पंप पर नौकरी बताई गई। एक हफ्ते में काम सीख लिया। कुछ ग्राहकों का व्यवहार सही नहीं था।
बताया कि लोग कमेंट करते थे कि इससे अच्छा कुछ और कर लेती। किसी की परवाह न करते हुए पांच साल से हरीपर्वत स्थित पेट्रोल पंप पर काम कर रही हूं। बीएससी फाइनल में हूं। छोटी बहनों को भी पढ़ा रही हूं। कुछ लोग आज भी कमेंट करते हैं लेकिन ऐसे लोगों से निपटना अब आ गया है।
पेट्रोल पंप कर्मी हिना अंसारी ने बताया कि यहां पर चार साल से काम कर रही हूं। हम लड़कियों को पेट्रोल पंप पर काम करता देख लोग अचरज में पड़ जाते हैं। मैंने सेंट जोंस कॉलेज से एमए किया है और बीटीसी कर रही हूं। जॉब के बाद पढ़ाई भी करती हूं। मुझे सरकारी टीचर बनना है। कुछ ग्राहक बोलते हैं, ये काम छोड़ दो, ये लड़कों के काम हैं। मैं लोगों की परवाह नहीं करती। हम पांच बहनें और एक छोटा भाई है। सबसे बड़ी हूं, उन्हें पढ़ाना है। पेट्रोल पंप पर काम करना शर्मिंदगी का काम नहीं है, गर्व की बात है।
पेट्रोल पंप पर काम कर रही योगिता सिंह ने बताया कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में जाएं, वहां कोई न कोई ज्ञान देने वाला मिल ही जाता है। हम कहते हैं कि पेट्रोल पंप पर जब लड़के काम कर सकते हैं तो लड़कियां क्यों नहीं। कुछ ही ग्राहक गलत व्यवहार करते हैं, वरना सभी तारीफ करते हैं। मैं चार साल से काम कर रही हूं।
बताया कि पीसीएम से बीएससी किया है और आईटीआई कर रही हूं। घर के हालात ठीक नहीं थे तो जॉब करने की सोची। मेरे घरवालों को दिक्कत नहीं तो लोगों को पता नहीं क्यों दिक्कत होती है। मेरा सपना है सरकारी नौकरी पाने का। उसकी तैयारी चल रही है।