सुहागनगरी में रविवार को तीन बच्चों समेत छह मरीजों की मौत हो गई। मरीजों की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। झलकारी नगर गली नंबर छह निवासी पवन कुमार (14) पुत्र सूरज कुमार की सौ शैय्या अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता सूरज ने आरोप लगाया कि स्टाफ को लगातार सूचना दी जा रही थी कि बच्चे की हालत बिगड़ रही है लेकिन कोई देखने नहीं आया। पीपल नगर निवासी तीन माह की जाह्नवी पुत्री कमल सिंह की मौत हो गई। परिजनों ने बुखार आने पर निजी चिकित्सक ने दवा दिला दी थी। रविवार को हालत बिगड़ने पर परिजन बालिका को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। नगला अमान निवासी नीलम (25) पत्नी अनिल कुमार की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हुई है। वहीं रानी नगर निवासी छवि (5) पुत्री सजनीश की भी जान चली गई। कर्बला निवासी, सुनील पाठक के पुत्र अखिल पाठक और रोशनी ने भी देर शाम दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप था कि सौ शैय्या अस्पताल में बालिका को भर्ती कराया था। चिकित्सक ने कह दिया कि बालिका की हालत ज्यादा खराब है और उसे आगरा रेफर कर दिया। आगरा ले जाते समय बालिका ने दम तोड़ दिया।