फैशन के बदलते दौर में कांच की चूड़ियों का लुक भी बदल रहा है। सुहागनगरी से सादा कांच की चूड़ियां सजावट के लिए जयपुर भेजी जा रही हैं। जयपुर में कारीगर कांच की चूड़ियों को कडे़ में बदलकर नग से सजा कर कलात्मक लुक दे रहे हैं। रक्षा बंधन और आने वाले शादी के मौसम को देखते हुए काफी मात्रा में माल जयपुर डेकोरेशन लिए भेजा गया है।
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जयपुर के कारीगरों से किया अनुबंध
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दुकान पर सजी रंग-बिरंगी चूड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
शानदार नक्काशी के लिए जयपुर पूरी दुनिया में पहचाना जाता है। सुहागनगरी के चूड़ी कारोबारियों ने भी कांच की सादा चूड़ियों को जयपुर के कारीगरों से कलात्मक लुक दिलाया है। जयपुर में नक्काशी के कारीगरों ने लाख का प्रयोग करके कांच की सादा चूड़ियों को मिलाकर जरकिन नग, मोती और गोल्डन स्टीकर लगाकर फैंसी कड़ों के रुप में नया लुक दिया जा रहा है। बाजार में जरकिन नग लगी चूड़ियां और कडे़ हाथों हाथ लिए जा रहे हैं।
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चूड़ी और कडे़ की बंपर डिमांड
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कड़ों की बंपर डिमांड
- फोटो : अमर उजाला
पहले कुछ ही दुकानदारों ने इस प्रयोग को किया अब पचास से अधिक दुकानदार इस कारोबार को कर रहे हैं। बडे़ कारोबारियों ने जयपुर के कारीगरों से अनुुबंध करके सादा चूड़ी यहां से भेज कर उन्हें डेकोरेशन के बाद पूरे माल को वापस फिरोजाबाद मंगाकर बाहर की मंडियों मेें भेजने का काम शुरू किया। कुछ दुकानदार जयपुर में चूड़ी पर नक्काशी कराने के बाद जयपुर से ही सीधे बाहर की मंडियों में भेज रहे हैं।
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चूड़ियों की खरीदारी करतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
जयपुर में तोपखाने वाला नहारपुर रोड, गंगौरी बाजार, छोटी चौपट, भट्ठा बस्ती आदि क्षेत्रों में फिरोजाबाद से भेजी गई सादा कांच की चूडिय़ों से कडा बना कर नग, मोती से सजाने का काम कर रहे हैं। जयपुर में डेकोरेट होने वाली कांच की सादा चूड़ी और कड़ों की बंपर डिमांड है। कांच की सादा चूड़ी को जोड़कर बनाए जा रहे कड़ों को भी जरकिन नग और मोती से सजाकर तैयार किए सेट की डिमांड काफी है। नवरात्र और सहालग में और बढ़ जाती है। एक सेट में 24 चूड़ी, चार पतले कडे़ और दो मोटे कडे़ रहते हैं।
चूड़ी कारोबारी सौरभ अग्रवाल बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों से जयपुर के काम ने गति पकड़ी है। टीवी सीरियल का प्रभाव है कि बाजार में फैंसी चूड़ी और कड़ों की डिमांड बढ़ी है। चूड़ी कारखाना संचालक संजय जैन घंटू बताते हैं कि जयपुर में पहले कुछ दुकानदार ही चूड़ी डेकोरेशन के लिए भेजते थे बाजार की डिमांड देखते हुए अब कई चूड़ी कारोबारी इस काम से जुड़ गए हैं।