अस्पताल में भर्ती पीड़ित युवक
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गांव तोरा में जिस मकान में कन्हैया अपने बच्चों के साथ रहता है, उसमें उसके चार और भाई रहते हैं। मगर, सबके हिस्से और रास्ते अलग-अलग हैं। रात में संदीप के कमरे से आवाज आने पर सभी दौड़ पड़े थे। संदीप, उसकी पत्नी और बच्चे कमरे से चीख रहे थे। लोगों ने कमरे के अंदर का दृश्य देखा तो सहम गए। समय रहते आग को बुझा दिया गया। इसके बाद चारों को परिवार के लोग अस्पताल ले गए, जिससे परिवार की जान बच गई। हालांकि संदीप और उसकी पत्नी 60 प्रतिशत जले हैं। वहीं दोनों बच्चे 30 प्रतिशत झुलसे हैं।