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बीमार बेटी के बेबस पिता की गुहार, इलाज के लिए मदद करो या फिर 'मौत' दे दो सरकार

Sun, 23 Jun 2019 04:29 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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बीमार बेटी के साथ पीड़ित परिवार - फोटो : अमर उजाला
आगरा में एक बीमार बेटी के इलाज में पिता ने जमीन और घर तक गिरवी कर दिया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। प्रधानमंत्री राहत कोष से मिली मदद भी नाकाफी साबित हो रही है। बेबस पिता ने मोदी सरकार से फिर गुहार लगाई कि बेटी के इलाज के लिए मदद की जाए। मदद न मिलने पर परिवार सहित इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है। 
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बीमार बेटी ललिता - फोटो : अमर उजाला
खंदौली क्षेत्र के पुरा लोधी जलेसर रोड निवासी सुमेर सिंह मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। सुमेर की 16 वर्षीय बेटी ललिता को एप्लास्टिक अनीमिया नाम की गंभीर बीमारी है। इस बीमारी के चलते शरीर में खून बनना बंद हो जाता है और पीड़ित को जिंदा रखने के लिए हफ्ते में एक बार खून चढ़ाया जाता है। बेटी के इलाज में पिता ने सारी जमापूंजी खर्च कर दी। जमीन और घर तक गिरवी रख दिया है।  अब सुमेर सिंह परिवार के साथ आगरा में रिश्तेदार के यहां रह रहे हैं। 
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बीमार बेटी के पिता सुमेर सिंह - फोटो : अमर उजाला
बेटी को तड़पता देख और कोई राहत न मिलने पर सुमेर सिंह के एक परिचित ने उन्हें अलीगढ़ के सांसद राजवीर सिंह के पास लेकर पहुंचे, जहां से मदद के रूप में जो राशि मिल सकती थी वो मिली, लेकिन उससे भी राहत नहीं मिली। इसके बाद पीड़ित पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा, जिसके बाद प्रधानमंत्री राहत कोष से तीन लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई। 

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अस्पताल का लेटर - फोटो : ANI
तीन लाख रुपये जयपुर के एक हॉस्पिटल को ट्रांसफर कर दिए गए, लेकिन यह रकम बीमार बेटी के इलाज में नाकाफी है। पीड़ित पिता जब बीमार बेटी को जयपुर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने 10 लाख का खर्चा बताया। डॉक्टरों का कहना है कि बोनमैरो बदलना पड़ेगा तब जाकर बेटी की जान बच सकेगी। डॉक्टरों ने पीड़ित पिता से सात लाख और लाने के बाद ही इलाज करने के लिए बोला। 
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बीमार बेटी के पिता सुमेर सिंह - फोटो : ANI
पीड़ित का कहना है कि कई बार हॉस्पिटल जाने के बाद भी कोई मदद नहीं मिली। आयुष्मान योजना भी इस परिवार का सहारा नहीं बन सकी। भविष्य के इलाज के लिए आयुष्मान योजना केंद्र पहुंचे पिता को वहां भी निराशा ही हाथ लगी। लिस्ट में नाम न होने से कार्ड नहीं बन सका और न ही इलाज मिल सका। हर तरफ से निराश हो चुके पिता और उनकी बीमार बेटी मोदी सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। 
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बीमार बेटी के पिता सुमेर सिंह और उसकी बहन - फोटो : ANI
पिता ने मोदी सरकार से बेटी के इलाज के लिए मदद या फिर परिवार सहित इच्छामृत्यु की मांग की है। इस पूरे मामले पर जब मुख्य चिकित्साधिकारी मुकेश वत्स से बात की गई तो उनका कहना था कि अगर परिवार उनसे मुलाकात करता है तो वो हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं। जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री राहत कोष तक से इलाज कराया जा सकता है। बेटी के लिए खून की कमी भी नहीं होने दी जाएगी।
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