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Doctor's Day: सेवा और कर्म की मिसाल हैं ये 'धरती के भगवान', जिम्मेदारी से निभा रहे फर्ज

Tue, 02 Jul 2019 12:11 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डॉक्टर्स डे - फोटो : अमर उजाला
मर्ज जब ठीक हो जाए तो निश्चित ही मरीज के लिए डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं होते। आगरा में कई ऐसे चिकित्सक भी हैं, जो अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे हैं। वो जरूरतमंद लोगों के इलाज में रुपये पैसों को आड़े नहीं आने नहीं दे रहे हैं। भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति हो या फिर तंबाकू जैसी लत। इससे जंग कर डॉक्टर समाज में जागरूकता फैला रहे हैं। आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की चिकित्सकीय सेवा को आगे हैं तो गरीब मरीजों के लिए शिविर लगा उनको निशुल्क इलाज दे रहे हैं। 
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डॉ सुनील शर्मा - फोटो : अमर उजाला
लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. सुनील शर्मा घटिया स्थित विधवा आश्रम और कैलाश स्थित रामलाल आश्रम के वृद्धों का निशुल्क इलाज कर चुके हैं। इसमें वो अपने सहयोगी चिकित्सकों की भी मदद लेते हैं। वो बताते हैं कि वो परिवार में पहले डॉक्टर हैं। माता-पिता बोले कि किसी बुजुर्ग और असहाय के इलाज में रुपया कभी आड़े नहीं आना चाहिए। मां-बाप नहीं रहे, लेकिन उनसे किया वादा निभा रहा हूं। विधवा और वृद्धा आश्रम के बुजुर्गों का चिकित्सकीय सेवाएं में सहयोग कर रहा हूं।  
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डॉक्टर नंदन सिंह - फोटो : अमर उजाला
अछनेरा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. नंदन सिंह बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। वो सीएचसी में बेटी के जन्म होने पर उसके नाम से बैंक में खाता खुलवाते हैं। इसमें वो खुद 500 रुपये से छह हजार रुपये तक की मदद करते हैं। अभी तक 27 के खाते खुलवा चुके हैं। बोले कि उनकी बेटी नहीं है, गांवों में तैनाती के वक्त महसूस किया कि बेटी को आर्थिक रूप से बोझ समझते हैं। इसके लिए उन्होंने बेटी के नाम से खाता खुलवाया और अभिभावकों से हर महीने उस में कुछ रुपये जमा कराने को जागरूक किया। 

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डॉ. बीके अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
जयपुर हाउस निवासी फिजीशियन डॉ. बीके अग्रवाल मधुमेह और अस्थमा के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वो साल में दो बार शिविर लगाकर मरीजों की जांच करते हैं। यह सिलसिला 14 साल से चला आ रहा है। अब तक लगभग 45 हजार मरीजों का निशुल्क इलाज कर चुके हैं। शिविर में दवाएं, जांच और इंसुलिन निशुल्क दी जाती हैं। डॉ. बीके अग्रवाल बोले कि छोटी उम्र में भी मधुमेह रोग हो रहा है, यह देख अभियान शुरू किया। ओपीडी में गरीब मरीजों को भी कभी निराश नहीं लौटने दिया। 
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डॉ सुरभि गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज की कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरभि गुप्ता तंबाकू के खिलाफ जंग छेड़े हुए हैं। वो मरीजों को तंबाकू के खिलाफ जागरूक कर रही हैं। ओपीडी में आने वाले कैंसर मरीजों को तंबाकू छोड़ने की मुहिम से जोड़े हुए हैं। उनसे प्रेरित होकर 29 लोग तंबाकू छोड़ चुके हैं। प्रथम स्टेज में आने वाले कैंसर मरीजों की जान भी बची है। डॉ. सुरभि बताती हैं कि ओपीडी में 90 से 120 मरीज रहते हैं, जिसमें से सात-आठ कैंसर के नए मरीज रहते हैं। अधिकांश तंबाकू खाते हैं। इसके अलावा शिविर और नुक्कड़ नाटक के जरिये भी लोगों को तंबाकू छोड़ने को प्रेरित करती हैं। 
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