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कन्नौज से पहले इस सीट पर मिल चुकी है डिंपल यादव को करारी शिकस्त, ये थे प्रमुख कारण

Sat, 25 May 2019 10:00 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
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संसदीय क्षेत्र में रोड शो के दौरान डिंपल यादव (फाइल फोटो) - फोटो : social media
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े राजनीतिक घराने की बहू डिंपल यादव को कन्नौज लोकसभा सीट से करारी शिकस्त मिली। लेकिन, इससे पहले राजबब्बर भी उन्हें हरा चुके हैं। फिरोजाबाद लोकसभा सीट से 2009 में अखिलेश यादव ने चुनाव लड़ा। इसके बाद उन्होंने ये सीट छोड़ दी। यहां से पहली बार डिंपल यादव को उतारा। लेकिन, अपने पहले चुनाव में ही डिंपल को हार का स्वाद चखना पड़ा। 

 
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राज बब्बर - फोटो : Instagram
फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने 1999 में अपना कब्जा जमाया था। लेकिन, 2009 के उपचुनाव में राजबब्बर ने यहां समाजवादी पार्टी को पटखनी दी। वर्ष 2009 के उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी की टिकट पर राजबब्बर ने फिरोजाबाद चुनाव लड़ा। इस सीट पर उनकी टक्कर डिंपल यादव से हुई। राजबब्बर ने इस उपचुनाव में बड़ा उलटफेर किया। जिसके बारे में लोगों को उम्मीद भी नहीं थी। जिस सीट पर अखिलेश यादव ने महज कुछ महीने पहले जीत हासिल की थी। वहां से डिंपल यादव चुनाव हार गईं।
 
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डिंपल यादव के साथ अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
राजबब्बर को इस चुनाव में 3,12,728 मत प्राप्त हुए थे। जबकि समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार डिंपल यादव 2,27,385 मत प्राप्त कर सकीं। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजबब्बर ने फिरोजाबाद की जनता से कई वादे किए थे। बता दें कि 2009 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और फिरोजाबाद की जनता को उम्मीद थी कि यदि राजबब्बर चुनाव जीत गए तो कुछ बड़ा होगा।

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वोट डालने जाते डिंपल यादव और अखिलेश (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अरविंद पचौरी बताते हैं कि राजबब्बर ने जो वादे किए थे वे आज तक पूरे नहीं हुए। कांग्रेस को उस वक्त मुस्लिम बाहुल्य इलाकों से भरपूर वोट मिला। समाजवादी पार्टी से मुस्लिम वोट कट गया जो डिंपल की हार का प्रमुख कारण था।
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अक्षय यादव - फोटो : amar ujala
फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर 1991 से 1998 तक भारतीय जनता पार्टी ने कब्जा जमाया था। भाजपा के प्रभुदयाल कठेरिया इस सीट पर तीन बार सांसद रहे। 2014 लोकसभा चुनाव में इस सीट से समाजवादी पार्टी के अक्षय यादव सबसे कम उम्र के सांसद बनकर संसद गए। अक्षय ने 5,34,583 मत प्राप्त किए जबकि भाजपा के प्रो.एसपी सिंह बघेल ने 4,20,524 मत प्राप्त किए। वहीं 2019 लोकसभा चुनाव में अक्षय यादव को हार का स्वाद चखना पड़ा और भाजपा के डॉ.चंद्रसेन जादौन को यहां की जनता ने सिरमौर चुना।
 
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