मथुरा के गोवर्धन में गिरिराज पर्वत की चोटी पर पानी के अभाव और जानवरों के खुरों से दम तोड़ने वाली धौ की झाड़ियां अब वृक्ष के रूप में नजर आएंगी। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने वन विभाग के साथ इन झाड़ियों को वृक्ष बनाने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। इसमें सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम का भी सहारा लिया जा रहा है।
गिरिराज पर्वत के ऊपरी हिस्से में मिट्टी का अभाव है। यहां बरसात के पानी के साथ मिट्टी बहकर नीचे क्षेत्र में आ जाती है। इसके कारण यहां पौधे बहुत कम हैं। एक बड़ा हिस्सा ऐसा भी है, जहां सिर्फ पत्थर ही नजर आते हैं। पत्थरों के बीच में कुछ पौधे उगते भी हैं तो वह पानी के अभाव में दम तोड़ देते हैं। किसी तरह बचने पर उन्हें जानवर अपने खुरों से खत्म कर देते हैं। इसके चलते गिरिराज जी की चोटी वृक्ष विहीन है। अब इस स्थिति को बदलने के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद काम कर रहा है।