बारिश के बाद शहर की सड़कें नदियां बन रही हैं तो गलियां, मोहल्ले तालाब जैसे दिख रहे हैं। ऐसी तस्वीरें देखने के बाद भी नगर निगम ने तीन साल से जलभराव से निपटने के स्थायी उपाय नहीं किए हैं। जिन जगहों पर स्थायी रूप से जलभराव हो रहा है, उनके निदान के उपाय अपनाए ही नहीं गए। ख्वासपुरा, उखर्रा, बाईंपुर समेत शहर में 16 ऐसी जगहें हैं, जहां बारिश में हर बार पानी भरता है। नगर निगम पंपसेट से पानी निकलवाने के नाम पर करोड़ों रुपये का डीजल खर्च कर रहा है, लेकिन निदान के स्थायी उपाय (नाला निर्माण) नहीं कर रहा। नगर निगम की लापरवाही से जिंदा लोग ही नहीं, बल्कि मरने के बाद शवों की भी बेकदरी हो रही है। ख्वासपुरा कब्रिस्तान में पानी भर जाने से 6 माह पहले दफनाए गए शव इस बार बाहर निकल आए, जिन्हें दोबारा दफनाया गया।