उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव की हत्या के आठ चश्मदीदों में से एक इंस्पेक्टर सतीश यादव ने गुरुवार शाम को न्यू आगरा थाना पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराया। सतीश ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम है कि मनीष को गुस्सा क्यों आया? वो तो घटना के वक्त उस चेंबर में मौजूद ही नहीं थे।
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दीवानी में स्वागत के समय दरवेश यादव के साथ हत्यारोपी मनीष (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
सतीश से पहले बयान दर्ज कराने वाले तीन चश्मदीदों ने कहा था कि मनीष को गुस्सा सतीश को देखकर ही आया था। इसके बाद ही उसने दरवेश की हत्या कर खुद को गोली मारी थी। विरोधाभाषी बयानों के कारण हत्या की वजह की गुत्थी और उलझ गई है।
सतीश मैनपुरी पुलिस लाइन में तैनात हैं। दरवेश यादव की हत्या की एफआईआर में सतीश मौके पर मौजूद बताया गया है। वो ड्यूटी छोड़कर दरवेश के स्वागत समारोह में आए था। तीन गवाहों के बयान के बाद माना जा रहा था कि वही बता सकता है कि मनीष ने यह वारदात क्यों की?
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दरवेश सिंह यादव का फाइल फोटो
- फोटो : social media
पुलिस ने इंस्पेक्टर सतीश के कई सवालों के जवाब चाहे थे। उन्होंने सोच समझकर अपने सभी का जवाब दे दिया। पूछताछ में इंस्पेक्टर सतीश ने पुलिस को बताया कि वो दरवेश यादव को सात साल से जानता है, जबकि मनीष को कुछ दिनों से जानता था।
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दरवेश यादव के साथ हत्यारोपी मनीष (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
दरवेश यादव की हत्या 12 जून को दीवानी कचहरी में अरविंद मिश्रा के चेंबर में हुई। आठ लोग चेंबर में मौजूद थे। चार बाहर थे। आठ में से चार के बयान हुए हैं। इनसे साफ नहीं हुआ कि मनीष ने यह वारदात क्यों की? अब चार गवाहों के बयान पर पुलिस की उम्मीद टिकी है।
हत्याकांड से कुछ समय पहले की तस्वीर में दरवेश यादव और लाल घेरे में हत्यारोपी मनीष
- फोटो : अमर उजाला
हत्या आरोपी मनीष की हालत नाजुक है। उसका गुरुग्राम के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। अभी चार गवाहों के बयान होने बाकी हैं। पुलिस के सामने चुनौती हत्या की वजह से पर्दा उठाने की है।