एक साल पहले मां ममता पंवार ने साथ छोड़ दिया, अब पिता कपिल पंवार का साया सिर से उठ गया। सात साल की मासूम कन्नू की देखभाल अब दादी और बुआ कर रही हैं। मासूम को मां की मौत का तो पता था, लेकिन वह अभी पिता की मौत से अंजान थी। वह एक ही बात कह रही थी कि मां की तरफ पुलिस बनूंगी।
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पकड़े गए सुपारी किलर
- फोटो : अमर उजाला
वकील कपिल पंवार उर्फ यश (45) की हत्या उनकी सास शिमला पंवार ने तीन-चार करोड़ की संपत्ति के लिए दस लाख रुपये में तीन सुपारी किलर से कराई थी। संपत्ति वकील की इंस्पेक्टर रही दिवंगत पत्नी ममता पंवार और सास के नाम है। इसे कपिल अपने नाम करा रहे थे। सुपारी किलर जीतू यादव, राहुल और अनवर ने अंडे की भुर्जी में नशा देकर वकील को बेहोश करने के बाद कार में सीट बेल्ट से गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद लाश को इटावा के भरतना में नहर में फेंक आए थे। पुलिस ने शिमला, राहुल और अनवर की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड के खुलासे का दावा किया है।
जीवनी मंडी स्थित आस्था सिटी कंपाउंड निवासी कपिल मूल रूप से हापुड़ के गांव असौड़ा के थे। वह 26 अक्तूबर को लापता हुए थे। पुलिस और परिजन मान रहे थे कि उनका अपहरण हुआ है जबकि 26 को ही उनकी हत्या कर दी गई थी। 27 को शव भरतना नहर से बरामद हुआ था लेकिन शनाख्त नहीं हुई थी।
कपिल तीन भाई थे। इनमें बिरजू सिकंदराबाद और सुखवीर गांव में रहते हैं। तीन बहनों विमला, सुनीता और गीता की शादी हो चुकी हैं। मां निर्मला पत्नी बालकिशन हैं। वह नौ दिन पहले ही गांव से कपिल पंवार से मिलने आई थीं। उन्होंने मां को फोन करके बुलाया था।
कपिल की सात साल की बेटी कन्नू है। वह सेंट पैट्रिक्स जूनियर स्कूल में कक्षा एक में पढ़ती है। कन्नू पिता की मौत के बाद से अपनी दादी के पास ही थी। उसे किसी ने ठीक से बताया नहीं था कि अब पिता नहीं रहे। पूछने पर उसने यही कहा कि मां की मौत हो गई है। वह मां की तरह पुलिस बनना चाहती है। आखिरी बार पिता घर से गए थे तो वह खेल रही थी। उसे पड़ोस की महिला अपने घर में पढ़ा रही थी। दादी का कहना था कि बेटी को अपने गांव लेकर जाएंगे, जिससे उसकी देखभाल कर सकें।