कोरोना संक्रमण के प्रकोप के बीच कोकिलावन शनिदेव मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं को भी सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा। शनिदेव मंदिर में शुक्रवार की रात्रि से हजारों की संख्या में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालु शनिदेव के दर्शनों को आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य, सीओ जितेंद्र कुमार ने मंदिर महंत प्रेमदास महराज के साथ चर्चा की। एसडीएम ने कहा कि बिना मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। सैनिटाइजर की भी व्यवस्था कराई जाएगी।
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कोकिलावन में पुलिस-प्रशासन ने बनवाए गोले
- फोटो : अमर उजाला
एसडीएम ने कहा कि शनि दर्शन को आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सबकी है। दर्शन में देरी भले हो जाए, लेकिन कोई कोरोना संक्रमित न हो, यह स्वीकार्य नहीं है। सीओ ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि वह कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सामान की बिक्री करें। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोकिलावन चौकी प्रभारी ने 12 दुकानदारों के चालान किए।
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शनिदेव
- फोटो : shani jayanti
प्रत्येक शनिवार पहुंचते है करीब दो लाख श्रद्धालु
पिछले कुछ सालों के दौरान कोकिलावन में शनिदेव के दर्शन करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। शनिधाम में सबसे अधिक श्रद्धालु एनसीआर से आ रहे हैं। इसमें भी दिल्ली और हरियाणा के श्रद्धालुओं की संख्या सर्वाधिक रहती है। पर्यटन विभाग के आंकलन के मुताबिक यहां प्रत्येक शनिवार को दो लाख श्रद्धालु दर्शन को आ रहे हैं।
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shani temple
शनिधाम से जुड़ी प्रमुख बातें
- दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर कोसीकलां के निकट स्थित है कोकिलावन
- कोसीकलां से कोकलावन की दूरी करीब 9 किलोमीटर
- कोसीकलां-नंदगांव मुख्य मार्ग से जुड़े संपर्क मार्ग पर तीन किलोमीटर दूर
- कोकलावन में परिक्रमा मार्ग की लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर
बता दें कि कोकिलावन धाम श्री शनिदेव मंदिर लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही बंद हो गया था। कई महीनों तक शनिदेव मंदिर बंद रखा गया था। जब देशभर में मंदिर खुले इसके बाद भी यहां दर्शन के लिए पट खोले गए थे।