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हादसे ने छीन लिया वर्षा का परिवार, आंखों के सामने जिंदा जल गए मां-बाप और भाई

Sat, 23 Nov 2019 06:14 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
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हादसे में घायल वर्षा - फोटो : अमर उजाला
एटा के थाना बागवाला क्षेत्र में शनिवार की सुबह हुए भीषण हादसे ने लोगों का दिल झकझोर दिया। ट्रॉला से टकराने के बाद कार में आग लग गई, जिसमें दंपती सहित पांच लोग जिंदा जल गए। टक्कर के दौरान दंपती की बेटी किसी तरह कार से उछलकर दूर जा गिरी, जिससे उसकी जान बच गई। वो घायल है। उसे आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
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हादसे के शिकार लोग - फोटो : अमर उजाला
थाना नयागांव क्षेत्र के गांव तमरौरा निवासी 35 वर्षीय सुनील कुमार उर्फ संतोष दिल्ली से एटा अपने गांव आ रहे थे। कार में सुनील की पत्नी विमला (32), बेटा लवकुश (10), बेटी वर्षा (16), मौसा बबलू (30) निवासी अलूपुरा, थाना कुरावली मैनपुरी, ममेरा भाई चंद्रशेखर (27) पुत्र बंगाली निवासी गुठना, थाना मेरापुर, फर्रुखाबाद सवार थे। कार खुद सुनील चला रहे थे। वर्षा को छोड़ हादसे में सभी लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई।
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घटनास्थल पर पड़े अधजले पन्ने - फोटो : अमर उजाला
वर्षा पढ़ने में काफी रुचि रखती थी। यही वजह थी कि माता-पिता के साथ वापस आते समय वो किताबों को साथ लेकर आ रही थी। घटनास्थल पर पूरी कार जल गई। उसमें सवार पांच लोग भी। घटनास्थल पर अधजली किताबों के फड़फ़ड़ाते पन्नों को जिसने भी देखा। एक बार कहने को मजबूर हो गए कि परिवार में अकेली बची वर्षा की जिंदगी भी किताबों के पन्नों की तरह ही बिखर गई है।

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घायल वर्षा - फोटो : अमर उजाला
हादसे में परिवार को खो चुकी वर्षा सातवीं तक पिता के साथ नोएडा में रहकर पढ़ी थी, लेकिन पिता ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते बेटी वर्षा और बेटा लवकुश को गांव के पास ही मौजूद रामेश्वर सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसूनपुर में पढ़ने को भेज दिया था। यहां पर ही वर्ष कक्षा बारह में और लवकुश कक्षा सात में दादा सिपाहीलाल और दादी सियादेवी के पास रहकर पढ़ाई कर रहे थे। 
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ट्रॉला में घुसी कार - फोटो : अमर उजाला
सुनील कुमार परिवार की बेहतर परिवरिश करने के लिए दिल्ली में ड्राइवर की नौकरी करते थे। एक कंपनी में गाड़ी चलाने के साथ ही एक खुद की कार खरीद ली थी, जिसे उबर कैब कंपनी में लगाकर आय के स्रोत बढ़ा लिए थे। पत्नी साथ में ही रहती थी। हादसे में पूरा परिवार खत्म हो गया। 
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