मथुरा के वृंदावन में कोरोना संक्रमण के बीच दक्षिण भारतीय शैली के श्री रंगजी मंदिर में पांच दिवसीय बसन्तोत्सव मनाया जा रहा है। हालांकि कोरोना के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह बंद है। यहां अंदर केवल पुजारी और कर्मचारियों को ही अनुमति है। शुक्रवार को शुरू हुए अनूठे उत्सव में भगवान रंगनाथ के श्रीविग्रह को बसन्तोत्सव के माध्यम से शीतलता प्रदान की जा रही है। शनिवार को खस से बने बंगले के बीच विराजमान भगवान रंगनाथ का अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच करीब एक घंटे तक भगवान का चंदन और केसर से अभिषेक किया गया। श्री रंगजी मंदिर को रंगनाथ मंदिर नाम से भी जाना जाता है। यह उत्तर भारत में दक्षिण भारतीय शैली का भव्य मंदिर है।
उत्तर भारत के सबसे बड़े मंदिरों में से एक श्री रंगजी मंदिर में पांच दिवसीय बसन्तोत्सव भव्य आयोजन विविध धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठानों के साथ किया जा रहा है। श्री रामानुज सम्प्रदाय की परंपरानुसार प्रतिदिन उत्सवों की श्रृंखला यहां जारी रहती है।
विज्ञापन
3 of 5
श्री रंगनाथ मंदिर में ठाकुरजी के श्रीविग्रह
- फोटो : अमर उजाला
मान्यता है कि गर्मी के मौसम में ठाकुर श्री रंगमन्नार भगवान को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से बसन्तोत्सव का भव्य आयोजन किया जाता है। बसन्तोत्सव में ठाकुर जी के श्री विग्रह को हरितिमा युक्त वातावरण से आच्छादित बगीची में विराजित किया गया है।
4 of 5
श्री रंगजी मंदिर वृंदावन
- फोटो : अमर उजाला
खस की टटिया से घिरे परिसर में विराजित ठाकुरजी के श्री विग्रह का शीतल जल से तिरुमन्जन कर केसर, कपूर मिश्रित चंदन का लेपन किया गया है। ठाकुर जी को पीत सूती वस्त्र धारण कराकर सुंगंधित पुष्पों की माला अर्पित की गई। इसके साथ ही शीतल पेय पदार्थ निवेदित किए जाते हैं।
श्री रंगजी मंदिर के सेवायत रघुनाथ स्वामी ने बताया कि पांच दिवसीय बसंतोत्सव का समापन मंगलवार को होगा। इस दौरान प्रतिदिन ठाकुरजी के समक्ष बसंत राग का गायन भी हो रहा है। कोरोना के कारण मंदिर में बाहरी श्रद्धालु के प्रवेश पर प्रतिबंध है।