डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में बीएएमएस कॉपी प्रकरण में एसटीएफ की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। एसटीएफ की जांच के घेरे में 14 मेडिकल कॉलेज के चार हजार छात्रों की कॉपियां हैं। इनमें हस्तलेख का मिलान तो किया जा रहा है। वहीं नकल कराए जाने की आशंका पर कॉपियों में उत्तर को भी देखा जा रहा है। एक जैसे उत्तर होने पर कॉपियों को अलग किया जाएगा। ऐसे में जिन केंद्रों पर परीक्षा संपन्न हुई होगी, वह भी जांच के घेरे में आ जाएंगे।
बीएएमएस की कॉपियां बदलने का मामला सामने आने के बाद जांच की गई थी। पुलिस ने टेंपो चालक देवेंद्र और फिरोजाबाद के डॉक्टर अतुल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुख्य सरगना छात्र नेता राहुल पाराशर फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। दो मुकदमे थाना हरीपर्वत में दर्ज हुए थे। एसपी एसटीएफ राकेश यादव ने बताया कि जांच की जा रही है। हर दिन नई जानकारी सामने आ रही है। इन पर टीम कार्य कर रही हैं। कॉपियों की जांच की जा रही है। इसके लिए एक्सपर्ट को लगाया है। शासन को आंतरिक रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
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एसटीएफ ने एसआईटी से संबंधित रिकॉर्ड भी लिया
- फोटो : अमर उजाला
पांच एक्सपर्ट कर रहे जांच
बीएएमएस की कॉपियां छलेसर कैंपस में रखी गई हैं। इनकी निगरानी का जिम्मा एजेंसी को है। एजेंसी में एसटीएफ के पांच एक्सपर्ट लगाए गए हैं। यह कॉपियों की जांच कर रहे हैं। इसमें देखा जा रहा है कि कॉपियां बदली तो नहीं गईं। कॉपियां बदली गई होंगी तो हर कॉपी में छात्र की हस्तलेख नहीं होगी। यह देखा जा रहा है कि किन छात्रों की कॉपियों में उत्तर एक जैसे हैं। इस तरह का मामला सामने आने के बाद केंद्र संचालक भी जांच के घेरे में आएंगे।
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विश्वविद्यालय में एसटीएफ की टीम
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पुलिस लाइन में सूचनाएं ज्यादा
एसटीएफ ने जांच अपने हाथ में लेते ही लोगों से सूचनाएं मांगी थीं। इसके लिए अपना एक मोबाइल नंबर, टेलीफोन नंबर और ईमेल आईडी जारी की थी। इसके बाद कैंप ऑफिस भी विश्वविद्यालय परिसर में बनाया गया।
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छात्र नेता के घर पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
विवि में मिल रहीं कम सूचनाएं
मगर, विश्वविद्यालय में सूचनाएं देने लोग नहीं आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय में सूचना देने जाएंगे तो रंजिश हो जाएगी। इससे बचने के लिए लोग एसटीएफ के पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में पहुंच रहे हैं।
लोगों ने परीक्षा में धांधली से लेकर मार्क्सशीट और डिग्री नहीं मिलने की शिकायत की है। इसके लिए अवैध तरीके से धन की मांग करने के आरोप भी कर्मचारियों पर लगाए हैं। केंद्रों पर नकल के लिए रुपये मांगने की भी शिकायत मिली हैं। इन सबकी एसटीएफ रिपोर्ट तैयार कर रही है। जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा।