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स्थापना दिवस विशेष: ताजनगरी के विकास से कदमताल करता चला 'अमर उजाला'

Sun, 18 Apr 2021 12:01 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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अमर उजाला स्थापना दिवस - फोटो : अमर उजाला
आजादी पाने के महज आठ महीने बाद ताजनगरी से 18 अप्रैल, 1948 को अमर उजाला ने नई सुबह की शुरुआत की। जैसे-जैसे दशक दर दशक अमर उजाला तरक्की की सीढ़ियां चढ़ता गया, वैसे-वैसे शहर की तस्वीर भी बदलती चली गई। विकास का पहिया घूमा तो मुगलिया दौर में राजधानी और ब्रिटिश काल में नार्थ वेस्ट प्रोविंस की राजधानी रहा आगरा स्मार्ट और एक्सप्रेसवे के चौराहे का शहर बन गया। 
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आगरा शहर - फोटो : अमर उजाला
आगरा ऐसा शहर है, जहां प्राचीन हवेलियों की झलक दिखती है तो बहुमंजिला इमारतें भी। मेट्रो का काम शुरू हुआ तो इनर रिंग रोड, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे- दक्षिणी बाईपास, जयपुर आगरा नेशनल हाईवे, आगरा अलीगढ़ नेशनल हाईवे, आगरा दिल्ली नेशनल हाईवे, ग्वालियर-आगरा नेशनल हाईवे और आगरा कानपुर नेशनल हाईवे ने आगरा की पहचान और कनेक्टिविटी बदल दी है।
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आगरा में मेट्रो: मेट्रो के लिए होता कार्य - फोटो : अमर उजाला
ताजनगरी की जनता ने 2014 में मेट्रो का जो ख्वाब देखा, वह सात दिसंबर 2020 को पीएम मोदी के आगरा मेट्रो की नींव रखने के साथ ही साकार होने लगा। पिछले चार महीने से 21वीं सदी से कदमताल के लिए मेट्रो परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। वर्ष 2024 में नए साल के तोहफे के रूप में मेट्रो में सफर का आगाज शुरू हो सकता है। आगरा मेट्रो के परियोजना निदेशक अरविंद राय के अनुसार लखनऊ और कानपुर के बाद प्रदेश में आगरा तीसरा शहर होगा जहां मेट्रो चलेगी। तीनों स्टेशनों का निर्माण तेज रफ्तार से हो रहा है।

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आगरा का एमजी रोड - फोटो : अमर उजाला
बदलते वक्त के साथ अमर उजाला विकास की उड़ान का साक्षी रहा है। कभी सड़क के नाम पर ठंडी सड़क कहे जाने वाले एमजी रोड से लेकर अब दो एक्सप्रेसवे, दक्षिणी बाईपास समेत चार हाईवे से वाहन फर्राटा भरते हैं। आठ साल के भीतर आगरा से मथुरा के बीच एनएच-19 की तस्वीर भी बदल चुकी है। अब हाईवे पर अंडरपास और फ्लाईओवर की शृंखला है। लिफ्ट वाले फुट ओवर ब्रिज हैं तो सिक्स लेन सड़कें हैं।
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स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम - फोटो : अमर उजाला
दो साल में आगरा की तस्वीर बदली है। स्मार्ट सिटी के तहत शहर के 63 चौराहों पर 1200 कैमरे निगाह रख रहे हैं। अत्याधुनिक कैमरों से न केवल ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के चालान किए गए, बल्कि फेस रिकग्नीशन सिस्टम के जरिए अपराधियों को पकड़ने की कवायद भी जारी है। इन कैमरों की मदद से अब तक आठ करोड़ रुपये के ट्रैफिक चालान भेजे जा चुके हैं। 
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कंट्रोल रूम से ली गई तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे के मुताबिक एक जनवरी से 31 मार्च के बीच स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर का ट्रायल बेस पर चलाया गया। अब यह लाइव हो चुका है। कोरोना संक्रमण काल में कई तरह की व्यवस्थाओं की इससे निगरानी की जा रही है। हर चौराहे पर कोरोना से जागरूकता के लिए पीए सिस्टम के जरिए बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं।
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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
स्वच्छता अभियान शुरू होने के बाद ताजमहल के शहर ने देशभर की रैंकिंग में अपनी स्थिति सुधारी है। चार सालों में सफाई में आगरा ने काफी सुधार किया है। साल 2017 के स्वच्छता सर्वेक्षण में आगरा की रैंकिंग 263 थी, लेकिन 2018 में 102 और 2019 में 86वां स्थान प्राप्त किया। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में आगरा 16वें नंबर पर रहा।
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कुबेरपुर में गीले कचरे से खाद बनाने वाला प्लांट - फोटो : अमर उजाला
शहर में कूड़े से बिजली बनाने के प्लांट का मामला ताज ट्रिपेजियम जोन की बंदिशों के कारण अटका हुआ था, जिसे सुप्रीम कोर्ट से भी इजाजत मिल गई। न केवल कचरे से बिजली बनाने, बल्कि मलबे से भवन निर्माण सामग्री, इंटरलॉकिंग टाइल्स के प्लांट को लगाने की भी मंजूरी मिल गई। इससे आगरा में पूरा कचरा री-साइकिल हो सकेगा। मेयर नवीन जैन के मुताबिक 550 मीट्रिक टन कचरे से 10 मेगावाट बिजली बनाई जा सकेगी। इस प्लांट के लिए काम जल्द शुरू किया जाएगा। यह देश का पहला प्लांट होगा जो गीले, सूखे कचरे से बिजली बनाएगा। नगर निगम कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर गीले कचरे से हर दिन 300 मीट्रिक टन खाद बना रहा है। इसके अलावा फूलों और खराब-सड़ी सब्जियों से भी खाद बनाने का काम जारी है।
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