दिवाली के बाद से ताजनगरी की हवा में लगातार प्रदूषण का जहर घुल रहा है। धुंध गहराने के साथ प्रदूषण तत्वों की मौजूदगी के कारण स्मॉग ने लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। ताजमहल का दीदार करने आए पर्यटकों और अस्थमा तथा सांस के मरीजों को मास्क लगाकर सांस लेनी पड़ी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई एयर क्वालिटी इंडेक्स सूची में ताजनगरी में एक्यूआई 249 दर्ज किया गया जो मंगलवार को 231 पर था।
विज्ञापन
2 of 6
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
दिवाली के बाद शहर की हवा में प्रदूषण की मात्रा में लगातार इजाफा हो रहा है। गुरुवार को भी दिन की शुरुआत स्मॉग के साथ हुई। दिवाली से पहले 100 से कम चल रहे एयर क्वालिटी इंडेक्स ने एकाएक छलांग मारी और महज दो दिनों में ही यह 249 पर पहुंच गया। वायु गुणवत्ता खराब होने के साथ इसमें सबसे ज्यादा पर्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोग्राम साइज के कणों की मात्रा बढ़ी है जो 444 तक पहुंच गई।
विज्ञापन
3 of 6
मास्क लगाकर आए पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
भाई दूज की रात यानी मंगलवार रात दस से 12 बजे के बीच पीएम 2.5 कणों की मात्रा 444 तक जा पहुंची जो सामान्य से सात गुना से ज्यादा है। दिन में इसका स्तर 300 के पार रहा, जबकि कुछ घंटे ही यह 200 माइक्रोग्राम के आसपास रही। पीएम 2.5 कण सांस के साथ फेंफड़ों में पहुंचते हैं जो बेहद घातक होते हैं। पीएम कणों के साथ ही कार्बन मोनोक्साइड की मात्रा में भी लगातार इजाफा हो रहा है। बुधवार को सामान्य से 25 गुना ज्यादा कार्बन मोनोक्साइड दर्ज किया गया।
4 of 6
सड़क किनारे जलता कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली एनसीआर में पराली जलाने से तो आगरा में ठोस कूड़ा जलाने के कारण प्रदूषण के हालात बिगड़ रहे हैं। शहर में जगदीशपुरा, बोदला, किशोरपुरा, गढ़ी भदौरिया, दयालबाग, रामबाग, नुनिहाई और छावनी क्षेत्र में ईदगाह, ग्वालियर रोड पर बड़े पैमाने पर कूड़ा जलाया जा रहा है, जिसके कारण प्रदूषण की मात्रा शहर में रात में ज्यादा बढ़ी है।
विज्ञापन
5 of 6
बुधवार 12.30 बजे स्मॉग से ढका ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
दिवाली पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी प्रदूषण की जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई। बोर्ड ने औद्योगिक क्षेत्र नुनिहाई और आवासीय क्षेत्र बोदला में वायु प्रदूषण के सैंपल लिए, जिनमें औद्योगिक क्षेत्र नुनिहाई से ज्यादा प्रदूषण बोदला में पाया गया। इसमें पर्टिकुलेट मैटर 10 माइक्र ोग्राम की मात्रा सामान्य से तीन गुना और पीएम-2.5 माइक्रोग्राम की मात्रा चार गुना तक दर्ज की गई।
बोर्ड ने ध्वनि प्रदूषण के लिए चार जगह बोदला, संजय प्लेस, ताजमहल और जिला अस्पताल पर सैंपल लिए। इसमें बोदला में सबसे ज्यादा 82.13 डेसिबल, संजय प्लेस में 81.85, ताजमहल पर 65.98 और जिला अस्पताल के पास 69.83 डेसिबल शोर दर्ज किया गया, जबकि अस्पताल जैसे शांत क्षेत्र में रात में 40 डेसिबल का मानक है, वहीं बोदला जैसे आवासीय क्षेत्र में रात में ध्वनि प्रदूषण 45 डेसिबल तक होना चाहिए था। दोनों ही जगह दो गुना ज्यादा शोर रहा।