गर्मी से परेशान सैलानी
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मेडिसिन विभाग के डॉ. टीपी सिंह ने बताया कि दिन में गर्मी, उमस और तड़के पारा कम होने से वायरल फीवर के मरीज अधिक आ रहे हैं। मरीज तेज बुखार, जुकाम-खांसी, सिर भारीपन होना, बेचैनी, सीने में जकड़न से सांस लेने में भी परेशानी बता रहे हैं। भूख कम लगना और कमजोरी भी हो रही है। मरीजों को सांस लेने में दिक्कत और नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ेपन की भी दिक्कत है। यह वायरल फीवर सात से 10 दिन में ठीक हो पा रहा है। बाल रोग विभाग में भी बच्चों का यही हाल है। ओपीडी में आने वाले 60 फीसदी बच्चे वायरल फीवर की चपेट में हैं।