मुख्यमंत्री जी, ताजनगरी को इंसाफ कब मिलेगा। कोरोना की दूसरी लहर में जब ऑक्सीजन के संकट से शहर जूझ रहा था, तब श्री पारस अस्पताल ने मरीजों की ऑक्सीजन रोकने की मॉकड्रिल की। दो महीने बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित सरकार से इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।
श्री पारस मामले में सीबीआई जांच की मांग
श्री पारस अस्पताल में दमघोंटू मॉकड्रिल के बाद प्रशासन ने अस्पताल संचालक डॉ. अरिंजय जैन को अघोषित क्लीन चिट दे दी। जिन्होंने ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोया, ऐसे लोगों को प्रशासनिक जांच पर कतई भरोसा नहीं। पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ की आस लेकर सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। पीड़ितों ने कहा कि श्री पारस अस्पताल मामले में मुख्यमंत्री सीबीआई से जांच कराएं। 26 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल में ऑक्सीजन की मॉकड्रिल में कथित 22 मरीजों का दम घुटने लगा था।