आगरा के राष्ट्रीय राजमार्ग-19 स्थित मंडी समिति के सामने सुबह के 5:25 बजे हम टहलने निकले थे। तभी तेज आवाज हुई। स्कॉर्पियो और कंटेनर की टक्कर हो गई। पास गए तो स्कॉर्पियो में खून ही खून था। कंटेनर में सवार चालक सहित अन्य लोग चीख रहे थे। हमने देर नहीं की। पहले स्कॉर्पियो में फंसे एक व्यक्ति को पांच मिनट में ही बाहर निकाल लिया। वह बोल रहा था, बाकी तीन भी पीछे की सीट पर उसके साथ पड़े थे। उन्हें एक-एक करके बाहर निकाला। पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस आ गई। तब तक चार घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेज चुके थे। यह कहना था इंद्रा ज्योति नगर निवासी महावीर सिंह उर्फ किट्टू और लकी का। वह तीन घायलों के लिए देवदूत बनकर आए।
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आगरा सड़क हादसा: हादसे के बाद की तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि कानपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर एत्माद्दौला क्षेत्र में मंडी समिति के सामने गुरुवार तड़के 5:25 बजे भीषण सड़क दुर्घटना में नौ लोगों की जान चली गई, जबकि तीन लोग गंभीर घायल हो गए। हादसा एत्मादपुर की ओर से आती तेज रफ्तार स्कार्पियो गाड़ी के डिवाइडर पर चढ़कर गलत दिशा में आने से हुआ। स्कॉर्पियो रामबाग की ओर से आते कंटेनर से टकरा गई। हादसे के बाद गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। कंटेनर भी तिरक्षा होकर लोहे की रेलिंग तोड़कर सर्विस रोड पर लटक गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से कार में फंसे लोगों के शवों को निकलवाया। कंटेनर और कार को क्रेन की मदद से हाईवे से हटाया जा सका। घायलों का इलाज चल रहा है।
महावीर सिंह उर्फ किट्टू एक ट्रांसपोर्ट कंपनी पर काम करते हैं, जबकि उनका दोस्त लकी नमक गोदाम में। दोनों रोजाना टहलने के लिए जाते हैं। वह मंडी समित के पास से निकल रहे थे। तभी हादसा हो गया। किट्टू और लकी बताते हैं कि उन्होंने हादसा देखने पर पहुंचने में देर नहीं की। कुछ और लोग आए। मगर, वह दूर ही खड़े रहे। हादसा दर्दनाक था। स्कॉर्पियो में खून ही खून था। स्कॉर्पियो में आगे की सीट पर पीछे की सीट पर सवार लोग आकर फंस गए थे।
चार लोग आखिर में सीट पर थे। उनमें से एक ही बोल रहा था। उसके सिर में चोट लगी थी। उसने बस इतना ही बताया कि वह गया से आ रहा है। इसके बाद बेहोश हो गया। उसे बाहर निकालने के बाद साथ के तीन और लोगों को निकाल लिया। उनकी सांसें चल रही थीं। किट्टू ने पुलिस को सूचना दी। तब तक चारों घायलों को दो एंबुलेंस को रोककर अस्पताल भेज दिया। हालांकि एक घायल की मौत हो गई। पुलिस के आने पर गाड़ी को कंटेनर से अलग करने के बाद क्रेन की मदद से शवों को बाहर निकाला गया। किट्टू और लकी का कहना था कि अगर, वह समय पर नहीं आते तो तीन घायलों की जान नहीं बच पाती। क्योंकि उनके भी गंभीर चोट लगी थी।
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हादसे में मृत उपेंद्र का फाइल फोटो और विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
स्टेयरिंग में फंस गया चालक
शाहदरा निवासी सुनील कुमार, इंद्रा ज्योति नगर निवासी श्यामसुंदर, संघ के नगर प्रचारक दिवाकर, धर्मेंद्र मिश्रा, विजय शर्मा, तनुज आदि मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों की मदद से एक-एक कर शव निकाले। चालक को सबसे आखिर में निकाला गया। वह स्टेयरिंग के बीच फंस गया था। पहले सीट बेल्ट काटी गई। इसके बाद रस्सी बांधकर स्टेयरिंग को खींचा गया। दो युवक गाड़ी पर चढ़े। तब चालक को बाहर निकाला जा सका। लोगों के हाथ भी खून से सन गए।
आगरा सड़क हादसा: दुघर्टनास्थल का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
जाम खुलवाने से लेकर इलाज कराने में लगे पुलिसकर्मी
हादसे के कारण हाईवे पर भीषण जाम लग गया था। पुलिस ने सर्विस रोड से वाहनों को निकाला। मगर, सर्विस रोड पर भी वाहन फंस गए। जाम खुलवाने के लिए कई पुलिसकर्मियों को लगाया गया। शाहदरा से वाहनों को रास्ता दिया गया। इससे जाम खुल गया। उधर, एसपी सिटी ने घायलों के बेहतर इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से बात की। इस दौरान पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई। घायलों के इलाज के लिए दवा के इंतजाम में पुलिसकर्मी लगे हुए थे।