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#LadengeCoronaSe: आगरा में 80 साल के बुजुर्ग और छह साल की बच्ची ने कोरोना को हराया

Mon, 10 May 2021 12:05 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आरबी शर्मा और आशिता ने जीती कोरोना से जंग - फोटो : अमर उजाला
कोरोना से डरने की नहीं, बल्कि लड़ने और उसे हराने की जरूरत है। होम आइसोलेशन में उचित उपचार और सकारात्मक सोच से कोरोना को हराया जा सकता है। आगरा में 80 साल के बुजुर्ग ही नहीं छह साल की बच्ची ने भी कोरोना को मात दी है। बस उन्होंने चिकित्सक की सलाह मानी और नियमों का पालन किया। दोनों का कहना है कि कोरोना बस एक बीमारी है। हमने इसे हराया है तो सभी इसे हरा सकते हैं।
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आरबी शर्मा - फोटो : अमर उजाला
योग किया, 15 दिन में स्वस्थ हो गए
अधिशासी अभियंता पद से रिटायर्ड आरबी शर्मा ने कोरोना संक्रमण होने पर घर पर ही आइसोलेट होकर इलाज कराया। 80 वर्षीय आरबी शर्मा अब स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को बुखार और गले में संक्रमण से कोरोना का पता चला। होम आइसोलेशन में उपचार लिया। दिन में तीन से चार बार भाप ली। गर्म पानी लिया और डॉक्टर की बताई हुईं दवाइयां लीं। योग किया। 
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होम आइसोलेशन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
आरबी शर्मा ने अनुलोम विलोम और कपालभाती प्राणायाम करके लेकर 15 दिन में अपने को कोरोना मुक्त किया। उनकी 50 साल की बेटी निशा शर्मा को क्रोनिक कोरोना निमोनिया था जिसका एचआरसीटी स्कोर 18 तक पहुंच गया और ऑक्सीजन लेवल 80 से 85 के बीच में था। उन्होंने भी घर पर ही आइसोलेट होकर पिता की तरह प्राणायाम और योग के जरिए ऑक्सीजन लेवल बढ़ाया। भाई मनोज शर्मा ने काफी प्रयास किए पर सिलिंडर नहीं मिल पाया। 

सीख
-कोरोना से घबराएं नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच के साथ कड़ाई से मुकाबला करें। 
-98 फीसदी लोग कोरोना से ठीक हो रहे हैं, उचित उपचार से यह संभव हो रहा है।
-दिनचर्या में सुधार कर, सामान्य व शुद्ध भोजन और नियमों का पालन करना चाहिए।

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आशिता ने जीती कोरोना से जंग - फोटो : अमर उजाला
सलाह और नियमों के पालन से जीती जंग
नालंदा एंक्लेव शास्त्रीपुरम निवासी आशिता छह वर्ष की हैं, उन्होंने भी कोरोना को हराया है। परिवार में चार सदस्य माता-पिता के साथ दो बेटियां कोरोना संक्रमित हुईं। छोटी बेटी आशिता की एंटीजन रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। सभी होम आइसोलेट हो गए। पांच दिन के बाद 15 अप्रैल को आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट में आशिता को छोड़कर बाकी तीनों सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई। 
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आशिता ने जीती कोरोना से जंग - फोटो : अमर उजाला
पिता सौरभ तिवारी ने बताया कि आशिता का परिवार के सदस्यों ने ध्यान रखा लेकिन बच्ची ने हर सलाह और चिकित्सक की बताई बातों पर अमल किया। हमेशा ठंडा पानी पीने वाली और कोल्ड ड्रिंक व आइसक्रीम की शौकीन आशिता ने गर्म पानी शुरू कर दिया। 15 दिन तक भाप लेना और गरारा करना, सभी दवाएं बिना झिझक खाना यह अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया। मुझसे कहती कि घबराने की जरूरत नहीं है, वह स्वस्थ हो जाएगी। आखिरी उसने कोरोना से जंग जीत ली। 

सीख
-चिकित्सक की बताई सलाह का पालन करना चाहिए, इसमें कोताही न हो।
-ठंडे पानी, आइसक्रीम और बाहर की चीजों से परहेज करना चाहिए।
-घबराएं नहीं, अपनी हॉबी में मन लगाएं, अच्छी चीजों को करते रहें।
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