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Bhu-Aadhaar: आपकी जमीन है या पड़ा है कोई खाली प्लॉट, तो जरूर पढ़ लें ये खबर, आधार कार्ड से है कनेक्शन

Fri, 26 Jul 2024 04:36 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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What Is Bhu--Aadhaar - फोटो : Istock
आधार कार्ड आने से देश में कई क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। आज के समय आधार कार्ड की वजह से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है। इस कारण आधार कार्ड काफी जरूरी दस्तावेज बन गया है। वहीं इसी तर्ज पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूमि सुधार को लेकर सरकार ने बजट 2024 में कई बड़े कदम उठाए हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि के लिए विशिष्ट पहचान संख्या या कहें भू-आधार का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा शहरी भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण का भी प्रस्ताव रखा गया है। सरकार अगले तीन सालों में इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। भू-आधार से जमीन से जुड़े विवाद भी खत्म होंगे और मालिकाना हक भी स्पष्ट होगा। इसी कड़ी में आइए जानते हैं आखिर भू-आधार क्या होता है?
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Land Registry - फोटो : Freepik
भू-आधार के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जितनी भी भूमि है उनको 14 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। इस प्रक्रिया में भूमि की पहचान संख्या के साथ उसका मानचित्रण, सर्वे, स्वामित्व और किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। 

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Land Registry - फोटो : Freepik
सरकार के इस कदम से किसानों को कृषि ऋण मिलने में आसानी होगी। इसके अलावा उनको दूसरी कृषि सुविधाएं भी आसानी से मिल सकेंगी। वहीं शहरी क्षेत्रों में जो जमीने हैं उनके भूमि अभिलेखों को जीआईएस मैपिंग के साथ डिजिटल किया जाएगा।

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Land Registry - फोटो : Freepik

ऐसे काम करता है भू-आधार

इसमें पहले जीपीएस तकनीक की मदद लेकर जमीन का जियोटैग किया जाता है। इसके बाद सर्वेक्षण करने वाले भूमि की सीमा का भौतिक सत्यापन और माप करते हैं। 

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Land Registry - फोटो : Freepik
यह करने के बाद जो रिकॉर्ड एकत्रित किया जाता है उसको भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली में दाखिल किया जाता है। इसके बाद सिस्टम अपने आप भू-खंड के लिए 14 अंकों का भू-आधार संख्या तैयार करता है। यह भू-आधार संख्या डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ा होता है। 

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