फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

व्रत में केवल दूध, घी, मेवे और फल ही ले सकते हैं, आखिर ऐसा क्यों?

Sun, 31 Dec 2017 07:54 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
सही वक्त पर खाएं सही फल
उपवास दरअसल शरीर और मस्तिष्क को सत्व की स्थिति में रखने की एक कोशिश है। यह कोशिश एक दिन से शुरू हो कर तीन चार, आठ दस दिन या महीने साल बाहर तक किसी भी अवधि के लिए भी हो सकती हैं।

पढ़ें:- रात में सोने से पहले पुरुष रोजाना खाएं 2 इलायची, दूर हो जाएगी खास कमजोरी
 
विज्ञापन

2 of 5
d
मूल बात है समर्पण और अनुशासन। उपवास के दौरान बीच में कुछ खाया भी जा सकता है- जैसे फलाहार या दिन में एक समय भोजन। उपवास के दौरान राजसी-तामसी वस्तुओं के इस्तेमाल से पूरा परहेज बरतने का अनुशासन बताया गया है। 
विज्ञापन

3 of 5
दूध चेक - फोटो : SELF
उपवास में दूध घी मेवे फल आहार इसलिए मान्य है कि ये भगवान को अर्पित की जाने वाली वस्तुएं हैं। प्रकृति प्रदत्त यह भोजन शरीर में सात्विकता बढ़ाता है। उपवास के दौरान किए जाने वाले अनुष्ठानों का भी व्यापक अभिप्राय है। 

4 of 5
tulsi
डा केके अग्रवाल के अनुसार असल में इस तरह के अनुष्ठानों से शरीर में पैदा होने वाले विषैले पदार्थों के प्रभाव को समाप्त किया जा सकता है। शारीरिक शुद्धि के लिए तुलसी जल, अदरक का पानी या फिर अंगूर इस दौरान ग्रहण किया जा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
मानसिक शुद्धि के के लिए जप, ध्यान, सत्संग, दान और धार्मिक सभाओं में भाग लेना चाहिए। उपवास की प्रक्रिया सिर्फ कम खाने या सात्विक भोजन से ही पूर्ण नहीं हो जाती। इस दौरान सुबह-शाम ध्यान करना भी जरूरी है। इससे मन शांत होता है और अच्छाई के संस्कार बढ़ते है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें