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Vidur niti: ऐसे लोगों का सदैव होता है कल्याण, प्राप्त होती है सुख-शांति और मान-प्रतिष्ठा

Tue, 25 May 2021 08:30 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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vidur niti - फोटो : Social Media
महात्मा विदुर की गिनती महाभारत के बुद्धिजीवियों में की जाती थी। ये बहुत कुशाग्र बुद्धि, दूरदर्शी और सरल स्वाभाव के थे। महात्मा विदुर को धर्मराज का अवतार भी कहा जाता है। महात्मा विदुर पांडु और धृतराष्ट्र के भाई एवं पांडवों, कौरवों के काका थे। ये हर कार्य में कुशल और श्रेष्ठ थे परंतु इनका जन्म एक दासी के गर्भ से होने के कारण ये हस्तिनापुर राज्य के राजा नहीं बना पाए। ये हस्तिनापुर के महामंत्री थे। महाराज धृतराष्ट्र हर विषय पर विदुर जी से खुलकर चर्चा करते थे। कहा जाता है कि विदुर जी और महाराज धृतराष्ट्र के बीच का संवाद ही विदुर नीति के रूप में उपलब्ध है। आज के समय में भी विदुर जी की बताई गई नीतियां बहुत लाभप्रद और प्रासंगिक हैं। महात्मा विदुर ने विदुर नीति में कुछ गुणों के बारे में बताया गया है। जिन लोगों में ये गुण होते हैं उनका सदा कल्याण होता है और वे सदैव मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।
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vidur - फोटो : Social Media
धर्म का आचरण करने वाला
विदुर नीति के अनुसार जो व्यक्ति धर्म का आचरण करता है, उसका सदैव कल्याण होता है। धर्म मनुष्य को सही और गलत का फर्क करना सिखाता है। जो व्यक्ति धर्म के मार्ग पर चलता है वह सदैव सही मार्ग पर रहता है और गलत कार्यों से स्वयं को बचाकर रखता है।
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vidur niti - फोटो : pinterest
क्षमा करने वाला
क्षमा करने या फिर क्षमा मांगने से कोई भी बड़ा या छोटा नहीं होता है। क्षमा कर देने से शांति बनी रहती है। क्षमा करना श्रेष्ठता का गुण होता है इसलिए क्षमा करना ही उचित रहता है। क्षमा करने से स्वयं को आत्मिक शांति का अनुभव होता है।
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vidur - फोटो : self
विद्या से प्राप्त होता है सम्मान
ज्ञानी व्यक्ति हर जगह सम्मान प्राप्त करता है, इसलिए सदैव ज्ञान प्राप्त करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। विद्या व्यक्ति को जीवन में सफलता सम्मान और धन वैभव सब कुछ प्रदान करती है।
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