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Vidur niti: इन तीन लोगों के भूलकर भी नहीं देना चाहिए कर्ज, पाप के भागी बनने के साथ वापस नहीं मिलता है आपका धन

Tue, 29 Jun 2021 11:52 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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vidur niti - फोटो : Social Media
महाभारत में महात्मा विदुर की गिनती बुद्धिजीवियों में की जाती थी। ये अत्यंत कुशाग्र बुद्धि के होने के साथ ही दूरदर्शी भी थे। इनका स्वभाव अत्यंत सरल और विनम्र था। महाभारतकाल में विदुर जी अपने धार्मिक निर्णयों के लिए जाने जाते थे। ये धृतराषट्र व पांडु की तरह ऋषि वेदव्यास के पुत्र थे परंतु इनका जन्म एक दासी के गर्भ से हुआ था, जिसके कारण सभी गुणों से परिपूर्ण होने पर भी ये राजा नहीं बन पाए। ये हस्तिनापुर के महामंत्री थे। इन्हें दूरदर्शी, बुद्धिमान और कुशल राजनीतिज्ञ माना जाता था। धृतराष्ट्र हर विषय पर विदुर जी से सलाह मशवरा लिया करते थे। विदुर और धृतराष्ट्र के मध्य का वार्तालाप विदुर नीति के रुप में आज भी प्रासंगिक है। इनके द्वारा धन, गृहस्थ जीवन, राजनीति जैसे सभी मसलों पर का जिक्र विदुर नीति में किया गया है। महात्मा विदुर ने धन के विषय में महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। जिसके अनुसार तीन ऐसे लोगों के विषय में बताया गया है, जिन्हें कभी भी अपना धन कर्ज में या फिर अन्य किसी कारण से भी नहीं देना चाहिए। ऐसे लोगों को धन देने से आपको धन हानि तो उठानी ही पड़ती है साथ ही में आपको पाप का भागी भी बनना पड़ता है। तो आइए जानते हैं कि कौन हैं वे लोग जिन्हें नहीं देना चाहिए धन।
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vidur - फोटो : self
आलसी व्यक्ति को न दें कर्ज-
विदुर नीति कहती है कि कभी भी आलसी व्यक्ति को कर्ज नहीं देना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग आलस्य के कारण धन अर्जित करने के लिए भी कोई कार्य नहीं करते हैं। जिसकी वजह से ये अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए भी स्वयं ही दूसरो पर आश्रित होते हैं। यदि आप ऐसे लोगों को अपना धन देते हैं तो वह वापस मिलना बहुत ही कठिन होता है। कई परिस्थितियों में आपको धन वापस भी नहीं मिलता है।
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vidur niti - फोटो : pinterest
गलत कार्य करने वालों को भूलकर भी न दें धन-
विदुर नीति कहती है कि यदि कोई व्यक्ति गलत कार्यों में संलिप्त है तो उसे भूलकर भी धन नहीं देना चाहिए। ऐसे लोग आपको धन का प्रयोग गलत कार्यों को बढ़ाने के लिए करते हैं, जिसके कारण आप भी पाप के भागीदार बनते हैं। ऐसे लोग अपने हित के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं ऐसी स्थिति में न केवल आपका धन बर्बाद होने की आशंका तो रहती ही है साथ ही आपके प्राणों पर भी संकट हो सकता है।
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VIDHURA - फोटो : SELF
जो विश्वासपात्र न हो
विदुर जी कहते हैं कि ऐसे व्यक्ति को धन नहीं देना चाहिए जो विश्वासपात्र न हो यानी आपको जिसके ईमानदार होने का विश्वास न हो। यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को धन देते हैं तो आपका धन वापस मिलने की संभावना नहीं रहती है। इस तरह के लोगों को पैसा देकर व्यक्ति स्वयं ही अपने धन की हानि करता है।
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