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स्वामी विवेकानंद और सफलता के मंत्र: जितना बड़ा संघर्ष सफलता भी उतनी ही बड़ी

Sat, 29 Aug 2020 07:24 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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स्वामी विवेकानंद - फोटो : अमर उजाला
हर वर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर देश युवा दिवस मनाता है। स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो शहर में सन 1893 में विश्व धर्म सम्मेलन में दुनिया को हिंदुत्व और अध्यात्म का पाठ पढ़ाया था। शिकागो में स्वामी विवेकानंद ने आध्यात्मिकता से परिपूर्ण भारतीय वेदांत दर्शन को अमेरिका और यूरोप के क्षितिज में फैलाया था। स्वामी विवेकानन्द ने रामकृष्ण मठ, रामकृष्ण मिशन और वेदांत सोसाइटी जैसे महत्वपूर्ण संस्थानो की नींव रखी थी। स्वामीजी का जन्म कोलकाता में 12 जनवरी 1863 को हुआ था। इनके पिता का नाम विश्वनाथ दत्त और माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था। आइए जानते हैं स्वामी विवेकानंद के द्वारा बताए गए जीवन के महत्वपूर्ण सूत्र जिसको अपनाने से हमारी कई तरह की परेशानियों का अंत हो सकता है।
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स्वामी विवेकानंद - फोटो : अमर उजाला
एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ। 
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स्वामी विवेकानंद - फोटो : अमर उजाला
सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चा होना। स्वयं पर विश्वास करो।

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स्वामी विवेकानंद - फोटो : अमर उजाला
ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हमीं हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है। 
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स्वामी विवेकानंद - फोटो : अमर उजाला
उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए।
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स्वामी विवेकानंद - फोटो : अमर उजाला
बस वही जीते हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं। 
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स्वामी विवेकानंद - फोटो : अमर उजाला
हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं। शब्द गौण हैं। विचार रहते हैं। वे दूर तक यात्रा करते हैं।
 
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