आचार्य चाणक्य गुप्त साम्राज्य के संस्थापक और चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। ये अत्यंत कुशाग्र बुद्धि के श्रेष्ठ विद्वान थे। ये राजनीति व कूटनीति में कुशल थे व एक महान अर्थशास्त्री थे। इन्होंने मनुष्य के जीवन को सुखमय बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखें हैं। इनमें से नीतिशास्त्र की बातें आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी उस काल में हुआ करती थी। आचार्य चाणक्य ने नीतिशास्त्र में मनुष्य के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं, धन, रिश्ते, मित्रता, शत्रु, सामाजिक व्यवहार, कार्यक्षेत्र आदि के विषय में बहुत महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। लोगों को नीतिशास्त्र के कुछ सुझाव बहुत ही कठिन लगते हैं और कई बार लोग इनसे सहमतत भी नहीं होते हैं लेकिन इस बात को ध्यान में रखना आवश्यक है कि चाणक्य की नीतियां कड़वी अवश्य हैं लेकिन यह आपको जीवन की सत्यता से अवगत कराती हैं। आचार्य चाणक्य ने नीतिशास्त्र में तीन ऐसी चीजों के बारे में बताया है जो बुरे वक्त में भी व्यक्ति का सच्चे मित्र की तरह साथ देती हैं। तो आइए जानते हैं कि कौन सी हैं वे चीजें।