फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चाणक्य नीति: अगर करते हैं ये कार्य तो उठानी पड़ेगी मान-सम्मान की हानि

Tue, 08 Jun 2021 09:39 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य का नाम आज के समय में भी श्रेष्ठ विद्वानों में गिना जाता है। इन्होंने अपने जीवन में विपरीत से विपरीत परिस्थितियों का सामना किया फिर भी कभी हार नहीं मानी और धैर्य को बनाए रखा। इन्होंने अपनी बुद्धि और नीतियों का प्रयोग करके अपने शत्रु घनानंद का नाश करके चंद्रगुप्त को साधारण बालक से मौर्य साम्राज्य का सम्राट बनाया। ये चंद्रगुप्त के महामंत्री बने किंतु  फिर भी ये राजसी ठाट-बाट से दूर एक कुटिया में साधारण जीवन व्यतीत करते थे। ये कई विषयों में परांगत थे। इसी कारण ये विष्णु गुप्त और कौटिल्य के नाम से भी विख्यात थे। इनके लिखे गए ग्रंथ 'नीति शास्त्र'  की बातें जीवन के पहलुओं को बहुत करीब से स्पर्श करती हैं और जीवन से जुड़ी समस्याओं का हल करने में सहायक हैं।  नीतिशास्त्र में धन, तरक्की, विवाह, व्यापार, नौकरी, मित्रता और शत्रुता समेत कई बातों का जिक्र किया गया है। चाणक्य नीति में कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं, जिनका त्याग कर देना ही हितकर होता है अन्यथा व्यक्ति को मान-सम्मान की हानि उठानी पड़ती है। तो चलिए जानते हैं कि कौन से हैं वे कार्य।
विज्ञापन

2 of 4
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
निंदारस में लीन रहने वाले लोग
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को सदैव निंदा करने से बचना चाहिए। निंदा करने वाले व्यक्ति को दूसरों के पीछे उनको भला-बुरा कहते हैं, जिसके कारण वे दूसरों की नजरों में अपने मान-सम्मान को कम करते हैं। ऐसे लोगों से सदैव दूरी बनाकर रखनी चाहिए जो सदैव निंदारस में लीन रहते हो। इसके साथ ही स्वयं भी निंदारस से बचकर रहना चाहिए। जो लोग पीठ पीछे दूसरों की बुराई करते हैं, वे सदैव उपहास और घृणा का पात्र बनते हैं।
विज्ञापन

3 of 4
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
झूठ बोलने वाले
हर धर्म, नीति और विद्वान व्यक्ति यही कहता है कि मनुष्य को सदैव सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए और सत्य के लिए आवाज उठानी चाहिए। सत्य से भले ही कुछ समय आपको परेशानियों का सामना करना पड़े परंतु अंत में सत्य की ही विजय होती है। झूठ ज्यादा दिनों तक टिका नहीं रह सकता। जो लोग झूठ बोलकर अपना काम निकालते हैं। दूसरों को धोखा देते हैं या सफल होने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं ऐसे लोग दूसरों की नजरों में अपने सम्मान को कम करते हैं साथ ही झूठ बोलकर पाई गई सफलता भी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकती है। जब व्यक्ति के द्वारा बोले गए झूठ की सच्चाई सामने आती है तो उसे सभी के सामने लज्जित होना पड़ता हैै, इसलिए इस गलत आदत का तुरंत त्याग कर देना चाहिए। 
विज्ञापन

4 of 4
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
बातों को बढ़ा-चढ़ाकर बोलने वाले
कुछ लोगों की आदत होती है कि वे हर बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहते हैं। दूसरों के सामने स्वयं को बहुत प्रतिभावान और धनवान दिखाने की कोशिश करते हैं यानी दोहरी जिंदगी जीते हैं उन्हें एक न एक दिन मान हानि का सामना अवश्य करना पड़ता है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को कभी भी अपने वस्त्रों और साधारण जीवन को लेकर संकोच नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें