आचार्य चाणक्य
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धर्म परायण वेदों को जानने वाली
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो स्त्री धर्म का पालन करने वाली और वेदों का ज्ञान रखने वाली होती है, वह सही और गलत का भेद भली प्रकार से से समझती है। ऐसी स्त्री स्वयं के साथ पूरे परिवार का मान-सम्मान बढ़ाती है। ऐसी स्त्री अपनी संतान को भी अच्छे संस्कार देती है। इस तरह से वह अपनी आगे आने वाली पीढ़ी को भी सत्कर्मों की ओर प्रेरित करती है।