Shani Amavasya 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, 30 अप्रैल 2022 को शनि अमावस्या है। शनि अमावस्या का संयोग तब बनता है, जब शनिवार के दिन अमावस्या तिथि पड़ती है। शनि अमावस्या को शनिश्चरी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से उनकी पूजा करनी चाहिए। साथ ही शनि अमावस्या के दिन आप स्नान और दान के बाद शनि चालीसा का पाठ करें। मान्यता है कि शनि चालीसा का पाठ करने से आपको कई प्रकार के लाभ होंगे। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं शनि चालीसा का लिरिक्स, जिसका आप शनि अमावस्या के दिन जाप कर सकते हैं...
शनि चालीसा
दोहा
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल।
दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥
जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज।
करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥