भगवान भोलेनाथ का रूप जितना रहस्यमयी और विचित्र है, उतना ही आकर्षक भी है। वे अपने शरीर पर भस्म, अपनी जटा में गंगा, माथे पर चंद्रमा और गले में नाग धारण करते हैं। इन सभी चीजों को धारण करने के पीछे अलग-अलग किस्से और मान्यताएं हैं। असल में भगवान शिव न केवल मनुष्यों पर बल्कि अन्य जीवों पर भी अपनी कृपा बनाए रखते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है उनके गले में नाग और वाहन नंदी। भगवान भोलेनाथ एक ऐसे देवता हैं जो समाज में सबसे बहिष्कृत चीजों को अपना साथी मानते हैं। जैसे सर्प एक ऐसा सरीसृप है जिससे मनुष्य डरता है, भोलेनाथ ने उसे अपने गले का हार बना लिया, उसे सम्मान दे दिया। लोग श्मशान घाट में जानें से डरते हैं, भगवान शिव ने वहां का भस्म ही अपना लिबास बना लिया। कैलाश पर्वत जहां इंसानों पहुंचना असंभव हुआ करता था, भगवान शिव ने उसे अपना घर बना लिया। खैर, आइए इस लेख में जानते हैं कि भगवान शिव के नाग धारण करने के पीछे क्या कहानी है?