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Sawan 2020: सावन के महीने में सुहागिन महिलाएं इसलिए पहनती हैं हरी चूड़ियां

Fri, 17 Jul 2020 05:24 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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सावन के महीने में महिलाएं क्यों पहनती हैं हरी चूड़ियां - फोटो : सोशल मीडिया

सावन में सारा वातावरण शिवमय हो जाता है। हर तरफ भोलेनाथ के नाम का उद्घोष होने लगता है। सावन के महीने में प्रकृति भी एक अलग अनुपम छटा बिखेरती है। इस महीने में महिलाएं और कुवांरी लड़कियां व्रत रखती हैं। वे शिव जी से अच्छे वर व सौभाग्य की कामना करती हैं। सावन के महीने में हरियाली तीज आती है। इस दौरान बाजार में हरे रंग की चूड़ियों की मांग बढ़ जाती है। जानते हैं कि क्या है हरे रंग का महत्व और सावन में हरी चूड़ियां क्यों पहनी जाती हैं।

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सावन में हर तरफ हरियाली होती है(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay

क्या है हरे रंग का महत्व
ज्योतिष में भी हरे रंग का महत्व बताया गया है। यह बुध ग्रह का रंग है। यह रंग प्रकृति से भी जुड़ा है। हरे रंग को बसंत ऋतु, आशा, प्रकृति, नए जीवन, कर्मठता और यौवन का रंग माना जाता है। हरे रंग से मानसिक शांति का अनुभव होता है।

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सावन के महीने में महिलाएं क्यों पहनती हैं हरी चूड़ियां - फोटो : max pixel

क्यों पहनी जाती है हरी चूड़ियां
सावन के माह में सुहागिन स्त्रियों के लिए कई पर्व होते हैं, जिसमें हरियाली तीज को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। हरे रंग को सौन्दर्य और सुहाग का प्रतीक भी माना गया है। सावन के महीने प्रकृति के सौंदर्य की छटा निराली होती है। सावन में पड़ने वाले त्योहारों में हरे रंग के कपड़े व हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा होती है। इसके अलावा हरे रंग की चूड़ियां पहनने का महत्व भी होता है। जानिए क्या होता है हरे रंग की चूड़ियां पहनने का महत्व..

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हरी चूड़ियां पहनने का महत्व - फोटो : pixabay

सावन के महीने प्रकृति में चारो ओर हरियाली बिखरी रहती है, जो आंखों को बहुत सुकून पहुंचाती है। मान्यता है कि हरे रंग के कपड़े या चूड़ियां पहनने से भगवान शिव और विष्णु प्रसन्न होते हैं। सावन में पड़ने वाले त्योहारों पर सुहागन स्त्रियां माता पार्वती को सुहाग का शृंगार भी अर्पित करती हैं, जिसमें हरे और लाल रंग की चूड़ियां अर्पित की जाती हैं। मां अंबे स्वयं प्रकृति हैं। वहीं हरा रंग पति-पत्नी के बीच प्रेम को भी बढ़ाता है।

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