बिल्व पत्र चढ़ाने से भगवान शिव और माता पार्वती दोनों प्रसन्न होते हैं। प्रतीकात्मक तस्वीर
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कैसे हुई बिल्वपत्र की उत्पत्ति
स्कंद पुराण के अनुसार बेल के वृक्ष की उत्पत्ति माता पार्वती के ललाट की पसीने की बूंदो से हुई। एक बार माता पार्वती ने अपने ललाट से पसीने के पोंछकर फेंका तो कुछ बूंदे मंदार पर्वत पर जा गिरी। कहा जाता है कि उन्हीं से बेलवृक्ष की उत्पत्ति हुई। बेल के वृक्ष की जड़ में देवी गिरिजा, तने में महेश्वरी, पत्तियों में माता पार्वती, टहनियों में दक्षयायनी,फूलों में गौरी तो वहीं फलों में मां कात्यायनी निवास करती हैं। बिल्व पत्र चढ़ाने से भगवान शिव और माता पार्वती दोनों प्रसन्न होते हैं।