फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज है संतान सप्तमी का व्रत, क्या है इसका महत्व

Thu, 05 Sep 2019 02:06 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क,अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 3
पार्वती और शिव

भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की सप्तमी का व्रत विशेष महत्व रखता है। इस पर संतान सप्तमी का व्रत किया जाता है। 5 सितंबर 2019 बृहस्पतिवार के दिन संतान सप्तमी व्रत है। इस व्रत में भगवान शिव और माता गौरी की पूजा का विधान हैं।

विज्ञापन

2 of 3
शिव पार्वती - फोटो : Social media

सप्तमी का व्रत संतान प्राप्ति, संतान का रक्षा और उन्नति के लिए ये व्रत किया जाता है। मान्यता अनुसार इस व्रत में प्रात:काल स्नान और नित्यक्रम क्रियाओं से निवृ्त होकर, स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। संपूर्ण घर और मंदिर में साफ़-सफाई कर श्री विष्णु और भगवान शिव की पूजा अर्चना करनी चाहिए। चंदन, अक्षत, धूप, दीप, नैवेध, सुपारी तथा नारियल आदि से शिव- पार्वती की पूजा करनी चाहिए। इस व्रत में खीर-पूरी तथा गुड के पुए का भोग भगवान को लगाया जाता हैं ।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
shiv temple
पूजा के लिए जमीन पर चौक बनाएं उस पर चौकी रखें और शंकर पार्वती की मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद कलश की स्थापना करें, उसमें आम के पत्तों के साथ नारियल रखें। आरती की थाली तैयार करे, जिसमें हल्दी, कुंकुम, चावल, कपूर, फूल, कलावा आदि सामग्री रखें। भगवान के समक्ष दीपक जलाएं। अब 7 मीठी पूड़ी को केले के पत्ते में बांधकर उसे पूजा स्थान पर रखें और संतान की रक्षा व उन्नति के लिए प्रार्थना करते हुए भगवान शिव को कलावा अर्पित करें। बाद मे कलावा धारण करने की भी प्रथा हैं । यह व्रत माता और पिता दोनों के द्वारा किया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें