श्रावण पुत्रदा एकादशी 18 अगस्त को है। इस दिन संतान प्राप्ति एवं उसकी दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना के लिए एकादशी व्रत किया जाता है। शास्त्रों में एकादशी तिथि को बहुत ही शुभ तिथि माना गया है। यह तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी को समर्पित है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी या पवित्रा एकादशी कहा जाता है। एकादशी तिथि 18 अगस्त 2021 को तड़के 03 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ होकर 19 अगस्त को रात्रि 01 बजकर 05 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसी मान्यता है कि जो कोई श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत को सच्चे मन से करता है उसे संतान सुख प्राप्त होता है। इसके साथ ही उसकी समस्त प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह व्रत विधि-विधान से किया जाता है। वहीं जो कोई इस दिन व्रत नहीं करता है उसे नियमानुसार कुछ विशेष बातों का पालन करना चाहिए। आइए जानते हैं श्रावण पुत्रदा एकादशी के दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।