आपमें से अधिकांश लोग अपनी सुविधानुसार कहीं भी पितरों की तस्वीर लगा देते हैं। ऐसा कर देने से कई बार जीवन में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार,घर में पितरों की तस्वीर लगाने से पहले कुछ बातों का ध्यान भी रखना आवश्यक है। मान्यता है कि पितृ भी देवताओं के समान शक्तिशाली होते हैं लेकिन देवताओं के साथ पूजा स्थल में इन्हें नहीं रखना चाहिए। देवी-देवताओं के साथ इनकी तस्वीरों को रखने से घर में अशुभता और बेवजह की कलह बढ़ सकती है। जिन्होंने शरीर धारण किया है चाहे वे पितृ हैं या गुरु हैं,जो देव तुल्य हो गए हैं उनकी पूजा सदैव दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा में की जा सकती है,पूर्व, पूर्वोत्तर या उत्तर में नहीं, क्योंकि ये ईश की दिशा मानी गई है। इसलिए भूलकर भी घर के मंदिर में कभी भी पितरों की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए इससे देवी-देवता रुष्ट हो जाते हैं और पूजा सम्पन्न नहीं हो पाती और न ही पूजा का फल मिलता है।