फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Margashirsha Month : मार्गशीर्ष माह में भगवान श्री कृष्ण की कृपा पाने के लिए करें ये उपाय, पूरी होंगी मनोकामनाएं

Tue, 23 Nov 2021 12:01 PM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
विज्ञापन
1 of 5
अगहन मास में जप, तप, ध्यान एवं दान करना शीघ्र फलदाई माना गया है। भगवान श्री कृष्ण की भक्ति करना इस माह में बहुत पुण्यदायी है। - फोटो : iStock
मार्गशीर्ष माह को अगहन मास के नाम से भी जाना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के समापन के साथ ही 20 नवंबर से भगवान कृष्ण का प्रिय मार्गशीर्ष (अगहन) माह लग चुका है। इस मास का महत्व बताते हुए भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि मार्गशीर्ष माह उनका ही स्वरूप है। मान्यता है कि इस महीने में पवित्र नदियों में स्न्नान और श्रीकृष्ण जी या उनके किसी भी अवतार की पूजा-सेवा करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट होकर सुख-सौभाग्य मिलता है। अगहन मास में जप, तप, ध्यान एवं दान करना शीघ्र फलदाई माना गया है। भगवान श्री कृष्ण की भक्ति करना इस माह में बहुत पुण्यदायी है। मान्यता है कि इस माह में यदि श्रीकृष्ण की पूरी श्रद्धा के साथ भक्ति की जाए तो भक्तों की मनोकामना पूरी होती हैं उनके दुःख दूर होते हैं। यदि आप भी इस माह में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति करके उनकी विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो कुछ नियमों का पालन करें-
विज्ञापन

2 of 5
tulsi puja vidhi - फोटो : istock
तुलसी की पूजा-
देवी तुलसी स्वयं लक्ष्मी का स्वरूप हैं, ये भगवान श्रीकृष्ण को अतिप्रिय हैं। नित्य प्रति सुबह तुलसी को जल देने एवं शाम के समय घी का दीपक जलाने से श्री कृष्ण की कृपा आप पर बनी रहती है।  

भगवतगीता का पाठ-
गीता में श्री कृष्ण ने कहा है कि जो मानव इस ग्रन्थ का नियमित पाठ करेगा और लोगों को भी इसके बारे में बताएगा वह मुझे प्रिय होगा और मुझको प्राप्त करेगा। विशेषरूप से इस मास में गीता का पाठ करने से श्रीकृष्ण बहुत प्रसन्न होते हैं। इसलिए इस पूरे मास में रोजाना दिन में एक बार गीता का पाठ अवश्य करें। गीता का नियमित पाठ करने वाला व्यक्ति हमेशा प्रसन्न और भयमुक्त रहता है।
विज्ञापन

3 of 5
पुष्पों से करें पूजा-
मार्गशीर्ष मास जोकि श्रीकृष्ण का ही स्वरूप है, इसमें नाना प्रकार के पुष्पों, ऋतु फल, उत्तम नैवेद्यों, धूपों तथा आरती आदि के द्वारा प्रसन्नता पूर्वक श्री जनार्दन का पूजन करके सभी सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

माखन-मिश्री का भोग-
भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री अत्यंत प्रिय है। इसलिए उन्हें रोजाना माखन मिश्री का भोग लगाएं। साथ में तुलसी का पत्ता भी अर्पित करें, इससे भगवान श्रीकृष्ण आपकी हर विपदा को दूर करेंगे।

4 of 5
नदियों में स्नान-
मार्गशीर्ष माह में पवित्र नदियों में स्नान का भी विशेष महत्व है। लेकिन आज के समय में हर किसी के लिए ये संभव नहीं है, ऐसे में आप पानी में थोड़ा गंगा जल डालकर स्नान कर सकते हैं। सूर्योदय से पूर्व स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।  
मंत्रों का करें जाप-
श्री कृष्ण की कृपा पाने के लिए इस माह में रोजाना पूजा के समय सुबह और शाम को ॐ कृं कृष्णाय नम:, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: और मंगलम भगवान विष्णु, मंगलम गरुड़ ध्वज। मंगलम पुण्डरीकाक्ष, मंगलाय तनो हरि।इन मंत्रों का जाप जरूर करें। ये जाप तुलसी की माला से करें तो और भी अच्छा है। मार्गशीर्ष मास में भगवान श्री कृष्ण का ध्यान और उनके मंत्रों का जाप अश्वमेध यज्ञ का फल प्रदान करता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गोमूत्र - फोटो : पीटीआई
गाय की सेवा करें- 
भगवान श्री कृष्ण को गाय अत्यंत प्रिय है। श्रीकृष्ण स्वयं भी ग्वाले थे और गायों की सेवा करते थे। गाय में सभी देवी-देवता विराजमान हैं। अगहन माह में गाय की विशेष तौर पर सेवा करनी चाहिए। गायों को चारा खिलाने और उनकी देखभाल करने से भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद मिलता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें